सावधान नेशन न्यूज
तरुण कश्यप
1. वाराणसी में बड़ी गिरफ्तारी (8-9 फरवरी 2026)
- 3 प्रमुख सदस्य गिरफ्तार: वाराणसी पुलिस और SIT ने 8 फरवरी 2026 को कोडीन तस्करी सिंडिकेट के 5 प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया। इनमें से तीन (अमित जायसवाल, दिवेश जायसवाल और अंकुश सिंह) पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
- करोड़ों का घोटाला: जांच में खुलासा हुआ कि इस गिरोह ने अब तक लगभग 25 लाख बोतलें तस्करी की हैं, जिनका अवैध मूल्य ₹40 करोड़ से ₹50 करोड़ के बीच आंका गया है।
- फर्जी फर्मों का जाल: आरोपी झारखंड (रांची) की ‘शैली ट्रेडर्स’ जैसी फर्जी फर्मों और जाली जीएसटी चालानों का उपयोग करके सिरप को विभिन्न राज्यों में नशे के उद्देश्य से सप्लाई कर रहे थे।
2. सरगना शुभम जायसवाल और संपत्ति की जब्ती
- किंगपिन फरार: इस पूरे रैकेट का मुख्य सरगना शुभम जायसवाल अभी भी फरार है, जिसके खिलाफ रेड कॉर्नर और लुकआउट नोटिस जारी किया गया है।
- संपत्ति कुर्क: प्रशासन ने शुभम और उसके पिता भोला प्रसाद जायसवाल की ₹30.52 करोड़ से अधिक की संपत्ति (सोनभद्र और वाराणसी में) कुर्क कर ली है। इसमें ₹1.22 करोड़ की लग्जरी कार (मर्सिडीज-बेंज) भी शामिल है।
3. अन्य राज्यों और शहरों में कार्रवाई
- प्रयागराज: पुलिस ने मोहम्मद सैफ को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी फर्मों के माध्यम से वाराणसी और कानपुर तक प्रतिबंधित सिरप की सप्लाई करता था।
- बिहार (सुपौल): 1 फरवरी 2026 को पुलिस ने एक मानवाधिकार संगठन के पदाधिकारी की कार से 960 बोतल कोडीन सिरप जब्त की और 3 तस्करों को गिरफ्तार किया।
- प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच: ED ने इस ₹1,000 करोड़ से अधिक के अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच तेज कर दी है। लखनऊ, वाराणसी, रांची और अहमदाबाद सहित 6 शहरों में छापे मारे गए हैं।
4. तस्करी का तरीका (Modus Operandi)
- तस्कर सिरप को “दवा” के रूप में कागजों पर दिखाते थे, लेकिन वास्तव में इसे नेपाल, बांग्लादेश और विभिन्न भारतीय राज्यों में नशे के लिए (Recreational Drug) ऊंची कीमतों पर बेचा जाता था।
- इसके लिए हवाला नेटवर्क और फर्जी ई-वे बिल का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा था।