सावधान नेशन न्यूज
तरुण कश्यप
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो नामी गिरामी कंपनी ‘हिमालय’ (Himalaya) की लिवर सुधारने वाली दवा Liv-52 की नकली टैबलेट बना रहा था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान मौके से 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है और भारी मात्रा में तैयार माल व उपकरण बरामद किए हैं।
- छापेमारी और बरामदगी: पुलिस के अनुसार, यह फैक्ट्री गाजियाबाद के औद्योगिक क्षेत्र में चोरी-छिपे संचालित की जा रही थी। मौके से 50,000 से अधिक नकली टैबलेट्स, हिमालय कंपनी के रैपर, खाली डिब्बे और नकली दवा बनाने वाली मशीनें जब्त की गई हैं।
- आरोपियों की गिरफ्तारी: पुलिस ने गिरोह के 5 सक्रिय सदस्यों को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि ये लोग दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में इन नकली दवाओं की सप्लाई कर रहे थे।
- सेहत के साथ खिलवाड़: स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ये नकली दवाएं लिवर ठीक करने के बजाय शरीर के अंगों को गंभीर नुकसान पहुँचा सकती हैं। गिरोह इन दवाओं को असली बताकर ऊंचे दामों पर मेडिकल स्टोर्स को बेचता था।
पुलिस का बयान:
गाजियाबाद पुलिस के प्रवक्ता ने बताया, “हमें सूचना मिली थी कि हिमालय ब्रांड के नाम पर नकली दवाओं की पैकिंग और मैन्युफैक्चरिंग हो रही है। ड्रग इंस्पेक्टर के साथ मिलकर की गई इस कार्रवाई में गिरोह के मुख्य सरगना सहित 5 लोगों को दबोचा गया है। इनके नेटवर्क की जांच जारी है।”
जांच जारी:
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह गिरोह कब से सक्रिय था और उनका नेटवर्क कितना बड़ा है। अन्य संभावित ठिकानों और शामिल लोगों की तलाश की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे दवाएं खरीदते समय सावधानी बरतें और केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही खरीदें।