सावधान नेशन न्यूज
तरुण कश्यप
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने अगले बड़े मिशन, चंद्रयान-4 के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है। इसरो के वैज्ञानिकों ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास एक बेहद सुरक्षित लैंडिंग साइट की पहचान की है, जिसे ‘मॉन्स माउंटेन’ (Mons Mouton) के नाम से जाना जाता है।
- सटीक लैंडिंग साइट: स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (SAC) द्वारा चिन्हित इस स्थान को MM-4 नाम दिया गया है। यह क्षेत्र अपनी सपाट सतह और कम गड्ढों के कारण लैंडिंग के लिए सबसे सुरक्षित माना जा रहा है।
- सौर ऊर्जा का लाभ: 6,000 मीटर ऊंचे इस पहाड़ की चोटी पर लगभग 11-12 दिनों तक निरंतर सूरज की रोशनी रहती है, जो लैंडर और रोवर के सौर पैनलों को चार्ज रखने के लिए अनिवार्य है।
- मिशन का लक्ष्य: चंद्रयान-4 एक ‘सैंपल रिटर्न मिशन’ है। इसका मकसद चांद की मिट्टी और पत्थरों के नमूने इकट्ठा कर उन्हें धरती पर वापस लाना है।
- बजट और लॉन्च: केंद्र सरकार ने इस मिशन के लिए ₹2,104.06 करोड़ के बजट को मंजूरी दी है। इसरो का लक्ष्य इसे 2028 तक लॉन्च करने का है।
निष्कर्ष:
चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता के बाद, चंद्रयान-4 भारत को अंतरिक्ष विज्ञान की उस श्रेणी में खड़ा कर देगा जहाँ अब तक केवल अमेरिका, रूस और चीन ही पहुँच पाए हैं। यह मिशन 2040 तक चंद्रमा पर भारतीय मानव भेजने के सपने की नींव बनेगा।