सावधान नेशन न्यूज़

Satark Rahe, Sach Jaane

इंदिरा गांधी का आदेश: इमरजेंसी का वो अनसुना किस्सा 

सावधान नेशन न्यूज
तरुण कश्यप

सत्ता के आगे नहीं झुके मनोज कुमार: जब पीएम इंदिरा गांधी के ‘ऑफर’ को ठुकरा कर फिल्म जगत में मचा दिया था तहलका 


भारतीय सिनेमा में देशभक्ति का पर्याय बन चुके अभिनेता मनोज कुमार, जिन्हें दुनिया ‘भारत कुमार’ के नाम से जानती है, अपनी बेबाकी के लिए भी मशहूर थे। एक दौर ऐसा भी था जब उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सीधे आदेश को चुनौती दी थी और सरकार के खिलाफ अदालत में केस जीतकर इतिहास रच दिया था। 

मुख्य बाते

  • आदेश ठुकराने की वजह: 1975 में आपातकाल के दौरान, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने मनोज कुमार को इमरजेंसी के समर्थन में एक डॉक्यूमेंट्री (वृत्तचित्र) बनाने का प्रस्ताव दिया था। इस डॉक्यूमेंट्री की पटकथा प्रसिद्ध लेखिका अमृता प्रीतम ने लिखी थी।
  • मनोज कुमार का जवाब: मनोज कुमार ने इस प्रस्ताव को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ काम नहीं करेंगे। उन्होंने अमृता प्रीतम से भी कहा था कि क्या उन्होंने अपनी आत्मा बेच दी है?
  • सरकार की जवाबी कार्रवाई: आदेश न मानने के कारण मनोज कुमार की फिल्मों पर पाबंदियां लगाई जाने लगीं। उनकी फिल्म ‘शोर’ (1972) को सिनेमाघरों में रिलीज होने से पहले ही दूरदर्शन पर दिखा दिया गया ताकि निर्माताओं को नुकसान हो। इसके बाद उनकी सुपरहिट फिल्म ‘दस नंबरी’ (1976) को भी बैन कर दिया गया।
  • अदालती जीत: मनोज कुमार सरकार के आगे झुके नहीं और उन्होंने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के खिलाफ कोर्ट में केस कर दिया। कई हफ्तों तक चली कानूनी लड़ाई के बाद कोर्ट ने मनोज कुमार के पक्ष में फैसला सुनाया। वे देश के एकमात्र ऐसे फिल्म निर्माता बने जिन्होंने आपातकाल के दौरान सरकार से केस जीता था। 

मनोज कुमार (असली नाम हरिकृष्ण गिरी गोस्वामी) भारतीय सिनेमा के एक दिग्गज अभिनेता, निर्देशक और पटकथा लेखक थे। देशभक्ति से ओतप्रोत फिल्मों के कारण उन्हें ‘भारत कुमार’ के नाम से जाना जाता था। उनका निधन 4 अप्रैल 2025 को 87 वर्ष की आयु में मुंबई में हुआ। 

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

  • जन्म: उनका जन्म 24 जुलाई 1937 को ऐब्टाबाद (अब पाकिस्तान में) में एक पंजाबी हिंदू ब्राह्मण परिवार में हुआ था।
  • बंटवारे का संघर्ष: विभाजन के दौरान उनका परिवार दिल्ली आ गया। उस समय वे मात्र 10 वर्ष के थे और दंगों के दौरान उन्होंने अपने छोटे भाई को खो दिया था।
  • शिक्षा: उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से स्नातक (B.A.) की पढ़ाई पूरी की।
  • नाम का बदलना: वे अभिनेता दिलीप कुमार के बहुत बड़े प्रशंसक थे। फिल्म ‘शबनम’ में दिलीप कुमार के किरदार का नाम ‘मनोज’ था, जिससे प्रभावित होकर उन्होंने अपना फिल्मी नाम मनोज कुमार रख लिया। 

फिल्मी करियर की शुरुआत

  • डेब्यू: उन्होंने 1957 में फिल्म ‘फैशन’ से अपने करियर की शुरुआत की, जिसमें उन्होंने एक भिखारी का छोटा सा रोल निभाया था।
  • मुख्य अभिनेता: बतौर लीड एक्टर उनकी पहली फिल्म 1960 में आई ‘कांच की गुड़िया’ थी।
  • सफलता: उन्हें असली पहचान ‘हरियाली और रास्ता’ (1962), ‘वो कौन थी?’ (1964) और ‘हिमालय की गोद में’ (1965) जैसी फिल्मों से मिली। 

‘भारत कुमार’ का उदय और देशभक्ति फिल्में 

1965 के भारत-पाक युद्ध के बाद, तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने उनसे ‘जय जवान जय किसान’ के नारे पर फिल्म बनाने का आग्रह किया था। इसके बाद उन्होंने कई कालजयी फिल्में दीं: 

  • शहीद (1965): भगत सिंह के जीवन पर आधारित फिल्म।
  • उपकार (1967): इस फिल्म के साथ उन्होंने निर्देशन की शुरुआत की और यह जबरदस्त हिट रही।
  • पूरब और पश्चिम (1970): भारतीय संस्कृति और पश्चिमी सभ्यता के बीच के अंतर को दर्शाती फिल्म।
  • रोटी कपड़ा और मकान (1974) और क्रांति (1981): इन फिल्मों ने उन्हें बॉक्स ऑफिस का बेताज बादशाह बना दिया। 

प्रमुख पुरस्कार और सम्मान

मनोज कुमार को उनके भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा गया: 

  • दादा साहब फाल्के पुरस्कार: 2015 (भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान)।
  • पद्म श्री: 1992 में भारत सरकार द्वारा सम्मानित।
  • फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट: 1999।
  • राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: फिल्म ‘उपकार’ के लिए। 

व्यक्तिगत जीवन

  • विवाह: उन्होंने शशि गोस्वामी से शादी की थी। उनका रिश्ता बेहद सादगीपूर्ण रहा और वे किसी भी फिल्मी विवाद या स्कैंडल से दूर रहे।
  • बच्चे: उनके दो बेटे हैं—विशाल और कुणाल गोस्वामी

“इमरजेंसी के उस दौर में मनोज कुमार का यह फैसला बताता है कि सिद्धांतों की कीमत किसी भी सरकारी आदेश से ऊपर होती है। ऐसी ही अनसुनी और साहसी कहानियों के लिए जुड़े रहिए सावधान नेशन न्यूज,, के साथ

सावधान नेशन न्यूज़ अब व्हाट्सऐप चैनल पर

        व्हाट्सऐप चैनल से जुड़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *