डालमियानगर, रोहतास (बिहार): बिहार के रोहतास जिले के डालमियानगर थाना क्षेत्र अंतर्गत न्यू सिधौली बोरिंग के पास शनिवार की सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहां गेहूं के खेत में अचानक लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे लगभग 2 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल और कटी हुई फसल के डंठल जलकर पूरी तरह राख हो गए। इस घटना में स्थानीय किसानों को 50,000 रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है!
घटना का विवरण
शनिवार की सुबह जब गांव के लोग अपने दैनिक कार्यों में जुटे थे, तभी न्यू सिधौली बोरिंग के समीप स्थित खेतों से धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया। पछुआ हवा के तेज झोंकों ने आग की लपटों को और भी भयावह बना दिया। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि जब तक लोग बाल्टियों और उपलब्ध संसाधनों के साथ मौके पर पहुँचते, तब तक आग ने एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया था इस अगलगी में मुख्य रूप से स्थानीय किसान सुरेंद्र सिंह, बहादुर सिंह और जमुना सिंह की फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों ने बताया कि फसल पूरी तरह पककर तैयार थी और कटाई का काम शुरू होने ही वाला था, लेकिन कुदरत के इस कहर ने उनकी साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया!
दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई
आग की भयावहता को देखते हुए ग्रामीणों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम सक्रिय हुई और घटना स्थल पर पहुंची। अग्निशमन दल के प्रधान अग्निक उदय कुमार, फाह्यान अहमद, प्रज्ञा रानी और जितेंद्र कुमार ने ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। यदि दमकल की टीम समय पर नहीं पहुँचती, तो आग पास के अन्य खेतों और रिहायशी इलाकों तक भी फैल सकती थी।
नुकसान का आकलन और संभावित कारण
प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, करीब 2 एकड़ की फसल और डंठल जलने से किसानों को लगभग 50,000 रुपये से ज्यादा का घाटा हुआ है। आग लगने के स्पष्ट कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, हालांकि पुलिस और संबंधित विभाग इसकी जांच कर रहे हैं। गौरतलब है कि इस मौसम में अक्सर बिजली के ढीले तारों से निकलने वाली चिंगारी या लापरवाही से फेंकी गई बीड़ी-सिगरेट आग का मुख्य कारण बनती है।
किसानों की मांग और सरकारी मुआवजा
इस हादसे के बाद प्रभावित किसानों के परिवारों में कोहराम मचा है। पीड़ित किसानों ने सरकार और जिला प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है। बिहार सरकार के नियमानुसार, ऐसी आपदाओं के लिए कृषि इनपुट सब्सिडी योजना के तहत राहत का प्रावधान है।
- नियम: बिहार में फसल क्षति के लिए प्रति हेक्टेयर के आधार पर सहायता दी जाती है।
- प्रक्रिया: प्रभावित किसानों को अपने क्षेत्र के पंचायत समन्वयक या प्रखंड कृषि पदाधिकारी (BAO) को तुरंत सूचित करना चाहिए।
- जांच: अंचल अधिकारी (CO) द्वारा क्षति का आकलन करने के बाद आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से मुआवजा राशि सीधे किसानों के बैंक खातों (DBT) में भेजी जाती है।
बचाव के उपाय
अग्निशमन विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों के पास ज्वलनशील पदार्थ न रखें और फसल कटाई के समय विशेष सतर्कता बरतें। साथ ही, बिजली विभाग से भी अनुरोध किया गया है कि वे खेतों के ऊपर से गुजरने वाले जर्जर तारों की मरम्मत करें ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
डालमियानगर पुलिस मामले की जांच कर रही है और प्रभावित किसानों की सूची तैयार की जा रही है ताकि उन्हें उचित सरकारी सहायता मिल सके।
प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से यह अपेक्षा है कि वे पीड़ित किसानों सुरेंद्र सिंह, बहादुर सिंह और जमुना सिंह को जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिलाएं, ताकि इस आर्थिक संकट की घड़ी में उन्हें संबल मिल सके। अग्निशमन विभाग की मुस्तैदी ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बिजली के ढीले तारों की मरम्मत और खेतों में सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है।
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