हैदराबाद: आईपीएल 2026 के 31वें मैच में दिल्ली कैपिटल्स को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ करारी हार का सामना करना पड़ा। हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 2 विकेट पर 242 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में अक्षर पटेल की कप्तानी वाली दिल्ली कैपिटल्स की टीम 9 विकेट पर 195 रन ही बना पाई। हालांकि, इस हार के बाद चर्चा दिल्ली के बल्लेबाजों या गेंदबाजों की विफलता से ज्यादा कप्तान अक्षर पटेल के फैसलों पर हो रही है।
पार्ट-टाइम गेंदबाजी का दांव पड़ा भारी
मैच के दौरान अक्षर पटेल का एक फैसला दिल्ली कैपिटल्स पर बहुत भारी पड़ा। दिल्ली की टीम में टी नटराजन, मुकेश कुमार और लुंगी एनगिडी जैसे तीन प्रमुख तेज गेंदबाज थे। टीम में कुलदीप यादव और खुद अक्षर पटेल के रूप में दो विशेषज्ञ स्पिनर भी मौजूद थे। नियम के अनुसार, तीनों तेज गेंदबाजों ने अपने 4-4 ओवर का कोटा पूरा किया, लेकिन कुलदीप यादव और कप्तान अक्षर पटेल ने केवल 2-2 ओवर ही गेंदबाजी की।
हैरानी की बात यह रही कि जहां मुख्य गेंदबाज ओवर खत्म कर रहे थे, वहीं पार्ट-टाइम गेंदबाज नीतीश राणा से 4 ओवर कराए गए। राणा ने अपने 4 ओवर में 55 रन खर्च कर दिए और इस दौरान उन्होंने 6 छक्के खाए, जिसने मैच का रुख पूरी तरह हैदराबाद की ओर मोड़ दिया।
अभिषेक शर्मा का ‘शतकीय’ तांडव
हैदराबाद की जीत के असली हीरो रहे युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा। अभिषेक ने दिल्ली के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए महज 68 गेंदों पर 135 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली। अपनी इस पारी में उन्होंने 10 चौके और 10 गगनचुंबी छक्के जड़े।
हैदराबाद की शुरुआत भी शानदार रही। ट्रेविस हेड ने 26 गेंदों पर 37 रन बनाए, जबकि ईशान किशन ने कैमियो रोल निभाते हुए 12 गेंदों पर 25 रनों का योगदान दिया। अंत में हेनरिक क्लासेन ने ‘फिनिशर’ की भूमिका निभाते हुए सिर्फ 13 गेंदों पर 37 रन ठोक दिए, जिसकी बदौलत हैदराबाद ने 242 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।
अभिषेक शर्मा के खिलाफ क्यों नहीं आए अक्षर?
मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट वह रहा जब हैदराबाद के ओपनर अभिषेक शर्मा तूफानी बल्लेबाजी कर रहे थे। क्रिकेट के आंकड़ों पर गौर करें तो अक्षर पटेल का अभिषेक शर्मा (बाएं हाथ के बल्लेबाज) के खिलाफ रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। इस मैच से पहले अभिषेक ने अक्षर की 6 गेंदों का सामना किया था, जिसमें वह सिर्फ 6 रन बना पाए और दो बार आउट हुए।
उनका स्ट्राइक रेट 100 से कम था और औसत 3 का था। कप्तान के रूप में अक्षर ने अपने दूसरे ओवर में ट्रेविस हेड को आउट करके अपनी लय भी दिखाई थी, लेकिन इसके बाद उन्होंने खुद गेंदबाजी नहीं की। अभिषेक शर्मा के सामने खुद को न लाना और पार्ट-टाइम गेंदबाजों पर भरोसा जताना, दिल्ली की हार की सबसे बड़ी रणनीतिक भूल मानी जा रही है।
दिल्ली की बल्लेबाजी: नीतीश राणा का संघर्ष रहा अकेला
243 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली की शुरुआत खराब रही। मिडिल ऑर्डर में नीतीश राणा ने कप्तानी की चूक की भरपाई बल्ले से करने की कोशिश की और 30 गेंदों पर सर्वाधिक 57 रन बनाए। लेकिन अन्य बल्लेबाजों का साथ न मिलने के कारण दिल्ली 195 रनों पर ही सिमट गई।
हैदराबाद की घातक गेंदबाजी
बल्लेबाजी के बाद हैदराबाद के गेंदबाजों ने भी अपना जलवा दिखाया। ईशान मलिंगा ने अपनी सटीक यॉर्कर और वेरिएशन से दिल्ली की कमर तोड़ दी, उन्होंने 32 रन देकर 4 विकेट चटकाए। वहीं, हर्ष दुबे ने बेहद किफायती गेंदबाजी करते हुए मात्र 12 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए।
सनराइजर्स हैदराबाद की बल्लेबाजी निश्चित रूप से घातक थी, लेकिन दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान का यह ‘रणनीतिक जुआ’ टीम को भारी पड़ गया। यदि अक्षर पटेल ने अपनी कप्तानी में गेंदबाजी रोटेशन का बेहतर इस्तेमाल किया होता, तो शायद परिणाम कुछ और हो सकता था।