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सावधान नेशन न्यूज़

गाजियाबाद में 7 साल की बच्ची की मौत से सनसनी: निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में मिला शव, हत्या की आशंका में जांच तेज

सावधान नेशन न्यूज़

गाजियाबाद 12 जुलाई 2026

गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में एक सात वर्षीय बच्ची का शव निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश और भय का माहौल है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वरिष्ठ अधिकारी, फोरेंसिक विशेषज्ञ और डॉग स्क्वॉड ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।


कैसे सामने आया मामला?
जानकारी के अनुसार बच्ची का परिवार निर्माणाधीन स्थल के आसपास मजदूरी का कार्य करता है। बच्ची रोज की तरह खेलते हुए अपने परिवार से अलग हो गई। काफी देर तक वापस न लौटने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। आसपास के लोगों ने भी बच्ची को खोजने में मदद की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।
जब देर रात तक बच्ची नहीं मिली तो परिवार ने नंदग्राम थाने में उसकी गुमशुदगी की सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने तुरंत तलाश अभियान शुरू किया।


निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में मिला शव
तलाशी अभियान के दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों ने निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट की भी जांच की। इसी दौरान बच्ची का शव वहां बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना मिलते ही इलाके में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। पुलिस ने तत्काल पूरे क्षेत्र को घेरकर साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।
घटनास्थल को सुरक्षित कर फोरेंसिक टीम को बुलाया गया ताकि किसी भी महत्वपूर्ण सबूत को सुरक्षित रखा जा सके।


पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया
शव मिलने के बाद पुलिस ने हत्या से संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक परिस्थितियां संदिग्ध हैं, इसलिए हर पहलू से जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार—
घटनास्थल से सभी संभावित साक्ष्य एकत्र किए गए हैं।
आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है।
कई संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट होगा।


फोरेंसिक टीम की जांच
फोरेंसिक विशेषज्ञों ने बेसमेंट और आसपास के क्षेत्र से कई नमूने एकत्र किए हैं। वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है ताकि घटना की पूरी कड़ी सामने लाई जा सके।
जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि—
बच्ची वहां कैसे पहुंची?
घटना का समय क्या था?
क्या किसी ने उसे बहला-फुसलाकर वहां ले गया?
क्या घटनास्थल ही अपराध स्थल है या शव कहीं और से लाया गया?
इन सभी सवालों के जवाब जांच और वैज्ञानिक रिपोर्ट से मिलने की उम्मीद है।


सीसीटीवी फुटेज बनी जांच का अहम आधार
राजनगर एक्सटेंशन तेजी से विकसित हो रहा इलाका है, जहां कई निर्माण परियोजनाएं चल रही हैं। पुलिस आसपास लगे निजी और सार्वजनिक सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है।
जांच टीम बच्ची की अंतिम गतिविधियों (Last Seen) का पता लगाने का प्रयास कर रही है। यदि किसी कैमरे में बच्ची या किसी संदिग्ध की गतिविधि कैद हुई होगी तो जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिल सकती है।


स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की।
कई लोगों का कहना है कि निर्माणाधीन भवनों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती, जिससे बच्चे अनजाने में वहां पहुंच जाते हैं। वहीं कुछ लोगों ने इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाने की भी मांग की।


परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
बच्ची की मौत के बाद परिवार गहरे सदमे में है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मजदूरी कर जीवनयापन करने वाले परिवार के लिए यह घटना असहनीय त्रासदी बन गई है।
परिवार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और शीघ्र न्याय की मांग की है।


वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया घटनास्थल का जायजा
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने जांच टीम को हर पहलू से जांच करने और किसी भी साक्ष्य को नजरअंदाज न करने के निर्देश दिए।
पुलिस का कहना है कि मामले का जल्द खुलासा करने के लिए कई टीमें गठित की गई हैं।


पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी पोस्टमार्टम रिपोर्ट मानी जा रही है। रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा—
मौत का कारण क्या था।
मृत्यु का अनुमानित समय क्या है।
शरीर पर किसी प्रकार के चोट के निशान थे या नहीं।
क्या किसी प्रकार के अपराध के अन्य संकेत मौजूद हैं।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट आने से पहले किसी भी तरह की अटकलों पर विश्वास नहीं किया जाना चाहिए।


पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि घटना से संबंधित कोई भी जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को दें। साथ ही सोशल मीडिया पर अपुष्ट या भ्रामक जानकारी साझा न करें, क्योंकि इससे जांच प्रभावित हो सकती है।


बच्चों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माणाधीन स्थलों पर सुरक्षा घेरा, सीसीटीवी और निगरानी व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए ताकि इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।


निष्कर्ष
गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में सात वर्षीय बच्ची का शव निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में मिलना अत्यंत दुखद और चिंताजनक घटना है। पुलिस हत्या के एंगल सहित सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच, फोरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम के आधार पर ही घटना की पूरी सच्चाई सामने आएगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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