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सावधान नेशन न्यूज़

एशियन गेम्स 2026 में भारत की बेटियों का स्वर्णिम कमाल! 🇮🇳🥇

नई दिल्ली, 23 सितंबर 2026

एशियन गेम्स 2026 में भारत को जिस गोल्ड मेडल का इंतजार था, वह इंतजार भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने खत्म कर दिया। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 147 रन के बड़े अंतर से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही भारत ने महिला क्रिकेट में अपना एशियन गेम्स का खिताब लगातार दूसरी बार बरकरार रखा।

यह सिर्फ एक फाइनल की जीत नहीं थी, बल्कि पूरे टूर्नामेंट में कुछ ही मुकाबलों में अपने खेल को लगातार ऊंचे स्तर पर ले जाने की कहानी थी। भारत ने पहले जापान को हराया, फिर सेमीफाइनल में बांग्लादेश को बड़ी शिकस्त दी और आखिर में श्रीलंका के सामने ऐसा प्रदर्शन किया जिसमें बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों का शानदार तालमेल दिखाई दिया।

भारत का एशियन गेम्स 2026 का सफर कैसा रहा?
महिला क्रिकेट प्रतियोगिता में कुल 8 टीमें शामिल थीं—भारत, श्रीलंका, पाकिस्तान, बांग्लादेश, जापान, मलेशिया, थाईलैंड और चीन। प्रतियोगिता सीधे क्वार्टरफाइनल चरण से शुरू हुई। भारत को जापान के खिलाफ क्वार्टरफाइनल मुकाबला खेलना था।

पहला पड़ाव — भारत बनाम जापान
18 सितंबर को भारत का सामना मेजबान जापान से हुआ। भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी और भारतीय गेंदबाजों ने जापानी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
जापान की पूरी टीम सिर्फ 57 रन पर सिमट गई। भारत की ओर से श्री चरणी ने 4 विकेट लेकर 10 रन दिए, जबकि शेफाली वर्मा ने भी गेंद से दो विकेट हासिल किए।

58 रन के छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने सिर्फ 5 ओवर में मुकाबला जीत लिया। शेफाली वर्मा ने महज 15 गेंदों में नाबाद 40 रन बनाकर मैच को बेहद जल्दी खत्म कर दिया।
इस जीत के साथ भारत सेमीफाइनल में पहुंच गया और उसका सामना बांग्लादेश से होना तय हुआ।

सेमीफाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ शेफाली का शतक
20 सितंबर को भारत और बांग्लादेश के बीच सेमीफाइनल खेला गया। यहां भारतीय बल्लेबाजी ने एक बार फिर अपना दम दिखाया।
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 195/4 का बड़ा स्कोर बनाया। इस मुकाबले की सबसे बड़ी स्टार रहीं शेफाली वर्मा, जिन्होंने सिर्फ 49 गेंदों में अपना पहला T20I शतक पूरा किया। उनकी पारी में 9 छक्के और 3 चौके शामिल थे। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी 40 रन का योगदान दिया।

इसके बाद गेंदबाजों ने बांग्लादेश को लगातार दबाव में रखा। बांग्लादेश की पूरी टीम 81 रन पर ऑलआउट हो गई।
भारत ने यह मुकाबला 114 रन से जीतकर फाइनल में प्रवेश किया। गेंदबाजी में नंदनी शर्मा और दीप्ति शर्मा ने तीन-तीन विकेट लिए, जबकि श्री चरणी ने दो विकेट हासिल किए।

दूसरे सेमीफाइनल में श्रीलंका ने पाकिस्तान को हराकर फाइनल में जगह बनाई। इस तरह गोल्ड मेडल के लिए एक बार फिर भारत और श्रीलंका आमने-सामने थे।

फाइनल में भारत का तूफान — 216 रन का विशाल स्कोर
22 सितंबर को कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क, निसिन में भारत और श्रीलंका के बीच गोल्ड मेडल मुकाबला हुआ।
हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीता और भारत ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया।
शुरुआत से ही भारतीय सलामी बल्लेबाजों ने श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बना दिया।
स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने पहले विकेट के लिए 99 रन की शानदार साझेदारी की। शेफाली ने 29 गेंदों में 48 रन बनाए, जबकि मंधाना ने सिर्फ 45 गेंदों में 79 रन की शानदार पारी खेली। मंधाना की पारी में 5 चौके और 7 छक्के शामिल रहे।

मंधाना ने इसी पारी के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 11,000 रन पूरे करने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनने का बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।

इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 19 रन बनाए, लेकिन असली तूफान अंत के ओवरों में देखने को मिला।

ऋचा घोष ने मचा दिया धमाल
विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋचा घोष ने सिर्फ 22 गेंदों में नाबाद 49 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 6 चौके और 3 छक्के शामिल रहे।

भारत ने 20 ओवर में 3 विकेट खोकर 216 रन बनाए। यह एशियन गेम्स महिला क्रिकेट में उस समय तक का सबसे बड़ा स्कोर था।

अब श्रीलंका के सामने गोल्ड जीतने के लिए 217 रन का लक्ष्य था।
भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका की उम्मीदें तोड़ीं
217 रन का लक्ष्य आसान नहीं था और भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही श्रीलंका पर दबाव बना दिया।
शेफाली वर्मा ने गेंद से भी अपना प्रभाव छोड़ा। इसके बाद दीप्ति शर्मा, श्री चरणी और श्रेयांका पाटिल ने श्रीलंका की बल्लेबाजी को लगातार झटके दिए।
श्रीलंका की कप्तान चामारी अटापट्टू ने 21 गेंदों पर 29 रन बनाकर संघर्ष करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने उन्हें ज्यादा देर टिकने नहीं दिया।

दीप्ति शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 6 रन देकर 3 विकेट लिए। शेफाली वर्मा ने 2 विकेट हासिल किए और भारतीय स्पिन आक्रमण ने श्रीलंका की बल्लेबाजी को पूरी तरह रोक दिया।

श्रीलंका की पूरी टीम 15.4 ओवर में सिर्फ 69 रन पर ऑलआउट हो गई।
भारत ने फाइनल 147 रन से जीत लिया।

कितनी टीमों को पीछे छोड़कर भारत ने जीता गोल्ड?
यहां एक जरूरी बात समझना महत्वपूर्ण है।
एशियन गेम्स 2026 की महिला क्रिकेट प्रतियोगिता में कुल 8 टीमें थीं। भारत ने क्वार्टरफाइनल में जापान को, सेमीफाइनल में बांग्लादेश को और फाइनल में श्रीलंका को हराया।

बाकी टीमों में पाकिस्तान, मलेशिया, थाईलैंड और चीन शामिल थीं।
फाइनल के बाद पदक तालिका इस प्रकार रही:-
भारत — गोल्ड
श्रीलंका — सिल्वर
पाकिस्तान — ब्रॉन्ज
बांग्लादेश — चौथा स्थान
पाकिस्तान ने ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में बांग्लादेश को हराकर कांस्य पदक हासिल किया।

इसलिए यह कहना सही होगा कि भारत ने 8 टीमों वाली प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान हासिल किया, लेकिन भारत ने सीधे मैदान पर तीन मुकाबले खेले—जापान, बांग्लादेश और श्रीलंका—और इन तीनों को हराकर गोल्ड जीता।
❤️ जीत के बाद टीम इंडिया ने क्या कहा?
गोल्ड जीतने के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि किसी भी खिलाड़ी के लिए गोल्ड मेडल जीतना सपना होता है। उन्होंने यह भी कहा कि टीम ने भारत के लिए गोल्ड मेडल की शुरुआत कर दी है और उम्मीद है कि आगे भारतीय दल के खाते में और भी स्वर्ण पदक आएंगे।

उनकी बातों से साफ था कि यह जीत सिर्फ महिला क्रिकेट टीम की उपलब्धि नहीं थी, बल्कि पूरे भारतीय दल के लिए एक खास शुरुआत थी।
भारतीय खिलाड़ियों के लिए खुशी का एक और कारण यह था कि उन्होंने 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में जीता महिला क्रिकेट का गोल्ड भी सफलतापूर्वक डिफेंड कर लिया।

इस जीत की सबसे बड़ी तस्वीर
इस पूरे सफर में भारत की सबसे बड़ी ताकत किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं रही।
कभी श्री चरणी गेंद से चमकीं, कभी शेफाली वर्मा ने बल्ले और गेंद दोनों से योगदान दिया, सेमीफाइनल में शेफाली ने शतक लगाया, फाइनल में स्मृति मंधाना ने 79 रन बनाए और ऋचा घोष ने 49 रन की तूफानी पारी खेली। वहीं गेंदबाजी में दीप्ति शर्मा ने फाइनल में 3/6 का शानदार स्पेल डाला।

यानी भारत का यह गोल्ड एक खिलाड़ी की कहानी नहीं, बल्कि पूरी टीम के सामूहिक प्रदर्शन की कहानी है।
एक गोल्ड, कई यादें
जापान की धरती पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पहले मेजबान जापान को हराया, फिर बांग्लादेश के खिलाफ 114 रन की जीत दर्ज की और आखिर में श्रीलंका को 147 रन से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
फाइनल में 216/3 का विशाल स्कोर, मंधाना की 79 रन की पारी, शेफाली की 48 रन की तेज पारी, ऋचा घोष के 49 नाबाद रन और दीप्ति शर्मा की 3/6 की गेंदबाजी—इन सबने मिलकर भारत को एशियन गेम्स 2026 का गोल्डन चैंपियन बना दिया।
और सबसे खास बात—यह भारत का एशियन गेम्स 2026 में पहला गोल्ड मेडल भी बना।

भारत की बेटियों ने फिर साबित कर दिया कि जब टीम एक साथ खेलती है, तो जीत सिर्फ स्कोरबोर्ड पर नहीं, इतिहास में दर्ज होती है।

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