Skip to main content

सावधान नेशन न्यूज़

अमृतसर में LGBTQ+ एक्टिविस्ट मैड संधू की हत्या: दो लोग हिरासत में, सुपारी किलिंग के एंगल से जांच तेज

सावधान नेशन न्यूज़

नई दिल्ली, 8 अक्टूबर 2026

पंजाब के अमृतसर में चर्चित मेकअप आर्टिस्ट और LGBTQ+ समुदाय से जुड़े सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मैड संधू की हत्या के मामले में पुलिस जांच तेज हो गई है। 7 अक्टूबर को सामने आई जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या के पीछे किसी आपराधिक गिरोह का हाथ है या नहीं और क्या हमलावरों को पैसे देकर इस वारदात को अंजाम दिलाया गया था। हालांकि, हत्या की साजिश किसने रची और इसके पीछे की असली वजह क्या थी, इसका अभी आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं हुआ है।


कार वॉश सेंटर के बाहर हुई थी वारदात
पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना 3 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 6 बजे अमृतसर के लोहारका रोड इलाके में हुई। मैड संधू अपनी गाड़ी लेने के लिए कार वॉश सेंटर के बाहर मौजूद थे। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर आए दो अज्ञात हमलावरों ने उन पर गोलीबारी कर दी और मौके से फरार हो गए।
गोली लगने से संधू गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और हमलावरों की पहचान के लिए सुराग जुटाए।


कौन थे मैड संधू?
मैड संधू का असली नाम मधुसूदन संधू बताया गया है। वह पंजाब में मेकअप आर्टिस्ट, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और LGBTQ+ समुदाय की चर्चित हस्तियों में शामिल थे। वह अपने मेकअप, फैशन और लाइफस्टाइल से जुड़े कंटेंट के अलावा जेंडर और सामाजिक स्वीकार्यता जैसे मुद्दों पर भी अपनी बात रखते थे।
रिपोर्टों के अनुसार, इंस्टाग्राम पर उनके दो लाख से अधिक फॉलोअर्स थे। वह अमृतसर में माने लेन यूनिसेक्स सैलून से जुड़े थे और ब्यूटी ट्रेनिंग भी देते थे। उनकी पहचान केवल एक सोशल मीडिया क्रिएटर के रूप में नहीं, बल्कि अपनी पहचान और अभिव्यक्ति को खुलकर सामने रखने वाले व्यक्ति के रूप में भी थी।


क्या सुपारी देकर कराई गई हत्या?
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल हत्या के पीछे की साजिश को लेकर है। पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल के मुताबिक, जांच में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन लोगों का हमलावरों और संभावित आपराधिक गिरोहों से क्या संबंध है।
जांच का एक प्रमुख पहलू यह भी है कि कहीं हमलावरों को पैसे देकर हत्या तो नहीं कराई गई। यदि ऐसा हुआ, तो पुलिस यह जानना चाहती है कि उन्हें किसने पैसे दिए और इस वारदात की योजना किसने बनाई। फिलहाल सुपारी किलिंग की आशंका जांच का हिस्सा है, इसे अंतिम रूप से साबित हुआ तथ्य नहीं माना जा सकता।


सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने वाले पोस्ट की भी जांच
हत्या के बाद सोशल मीडिया पर ‘गोल्डी ढिल्लों’ नाम से जुड़े एक हैंडल से कथित तौर पर वारदात की जिम्मेदारी लेने वाला पोस्ट सामने आया था। इस पोस्ट में संधू के खिलाफ आरोप भी लगाए गए थे।
हालांकि, पुलिस इस पोस्ट की प्रामाणिकता की जांच कर रही है। केवल सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति या गिरोह के नाम से पोस्ट सामने आने से यह साबित नहीं होता कि हत्या उसी ने कराई है। इसलिए पोस्ट के दावे और हत्या के पीछे वास्तविक लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।


क्या हत्या के पीछे धार्मिक या कट्टरपंथी कारण था?
मैड संधू पहले अपने सोशल मीडिया कंटेंट, कपड़ों और पुराने वीडियो को लेकर विवादों का सामना कर चुके थे। उन्हें ऑनलाइन ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ता था। इसी कारण हत्या के बाद उनके पुराने विवादों को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हुईं।
लेकिन अमृतसर पुलिस के अनुसार, अब तक जांच में कोई चरमपंथी या कट्टरपंथी एंगल सामने नहीं आया है। पुलिस का ध्यान फिलहाल संभावित आपराधिक साजिश, हमलावरों और उन्हें निर्देश देने वाले लोगों की पहचान पर है। पुराने विवादों को हत्या का कारण मान लेना अभी जल्दबाजी होगी।


अब आगे क्या होगा?
पुलिस के सामने इस मामले में कई अहम सवाल हैं—गोली चलाने वाले दोनों हमलावर कौन थे, हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका क्या है, क्या किसी गिरोह का संबंध सामने आता है और हत्या के पीछे व्यक्तिगत दुश्मनी या किसी अन्य कारण की भूमिका थी या नहीं।
इन सवालों के जवाब जांच और उपलब्ध सबूतों से ही सामने आएंगे। फिलहाल दो लोगों को हिरासत में लिया जाना जांच में प्रगति का संकेत है, लेकिन इसे पूरे मामले का खुलासा या सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कहा जा सकता।


निष्कर्ष: मैड संधू की हत्या के मामले में पुलिस सुपारी किलिंग समेत कई पहलुओं की जांच कर रही है। दो लोगों को हिरासत में लिया गया है, लेकिन हत्या की वजह, कथित साजिशकर्ता और हमलावरों के संबंधों की अंतिम पुष्टि अभी बाकी है। मामले में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस की आधिकारिक पुष्टि और जांच के नतीजों का इंतजार करना जरूरी है।

सावधान नेशन न्यूज़…