आर्थिक तंगी बनी पांच मौतों की वजह, अमांपुर में एक ही परिवार खत्म
डिजिटल डेस्क, अमांपुर।
अमांपुर कस्बे में घटी दिल दहला देने वाली घटना के पीछे आर्थिक तंगी, पारिवारिक कलह और बेटे की गंभीर बीमारी को मुख्य कारण माना जा रहा है। वेल्डिंग मिस्त्री सत्यवीर लंबे समय से अवसाद और कर्ज के बोझ से जूझ रहा था।
परिजनों के अनुसार, बेटे गिरीश के इलाज के लिए पैसों की व्यवस्था न कर पाने की पीड़ा उसे भीतर ही भीतर तोड़ रही थी। इसी मानसिक तनाव के बीच उसने पत्नी और तीन बच्चों की हत्या करने के बाद खुद भी फांसी लगाकर जीवन समाप्त कर लिया। इस दर्दनाक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
मध्यमवर्गीय परिवार, बढ़ता कर्ज और तनाव
सत्यवीर, नेम सिंह के चार बेटों में से एक था। परिवार के पास 12 बीघा जमीन थी और सभी वेल्डिंग के काम से जुड़े रहे हैं। करीब 16 वर्ष पूर्व सत्यवीर का विवाह रामश्री उर्फ शीला से हुआ था। उनके दो बेटियां और एक बेटा गिरीश था।
बताया जा रहा है कि गिरीश जन्म से ही कान की समस्या से जूझ रहा था।
इलाज के दौरान संक्रमण बढ़ने से स्थिति गंभीर हो गई। पिछले तीन वर्षों से आगरा में उसका इलाज चल रहा था, जिसमें लाखों रुपये खर्च हो चुके थे।
पैसों की कमी बनी वजह
इलाज के लिए सत्यवीर ने अपने पिता से चार लाख रुपये लिए थे। बाद में एक कार दुर्घटना के क्लेम में मिले करीब सवा लाख रुपये भी खर्च हो गए। धीरे-धीरे सारी जमा पूंजी खत्म हो गई और बैंक बैलेंस शून्य हो गया।
पिता से बड़ी रकम लेने के बाद भाइयों में विवाद बढ़ा। तनाव के चलते दो वर्ष पहले जमीन का बंटवारा कर दिया गया, लेकिन मनमुटाव समाप्त नहीं हुआ। चारों भाई अलग रहने लगे।
16 फरवरी को बेटे को आगरा ले जाने के लिए करीब 20 हजार रुपये की जरूरत थी। सत्यवीर ने अपने साढ़ू नंदकिशोर से मदद मांगी। एक साहूकार का पता भी बताया गया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो सका कि रकम मिल पाई या नहीं। परिजनों का मानना है कि यदि समय पर आर्थिक मदद मिल जाती तो शायद यह हादसा टल सकता था।
गांव में मातम
14 फरवरी को पूरा परिवार एक शादी समारोह में शामिल हुआ था। किसी को अंदेशा नहीं था कि दो दिन बाद इतनी बड़ी त्रासदी सामने आएगी। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। अंतिम संस्कार के दौरान परिजन बिलख पड़े।
ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते आर्थिक और पारिवारिक सहयोग मिलता तो शायद पांच जिंदगियां बचाई जा सकती थीं।
महत्वपूर्ण सूचना
अगर कोई व्यक्ति आर्थिक, पारिवारिक या मानसिक तनाव से गुजर रहा हो, तो अकेले न रहें। अपने परिजनों, दोस्तों या स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। समय पर सहायता और संवाद कई दुखद घटनाओं को रोक सकता है।
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