सावधान नेशन न्यूज
तरुण कश्यप
तेहरान/यरूशलेम: मिडिल ईस्ट से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। महीनों से चल रहे तनाव के बाद आखिरकार अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर बड़ा सैन्य हमला कर दिया है। रविवार तड़के तेहरान समेत ईरान के कई रणनीतिक शहरों में जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई।
क्या हुआ अब तक?
मिली जानकारी के अनुसार, ‘ऑपरेशन आयरन शील्ड’ (सांकेतिक नाम) के तहत इजरायली वायुसेना के F-35 स्टील्थ फाइटर जेट्स और अमेरिकी लंबी दूरी के बमवर्षकों ने ईरान के भीतर घुसकर कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर बमबारी की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के मुख्यालय, मिसाइल लॉन्च पैड्स और संदिग्ध परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
अमेरिका और इजरायल का बयान:
पेंटागन द्वारा जारी एक संक्षिप्त बयान में कहा गया है कि यह हमला ईरान की ओर से बढ़ते खतरों और उसके परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए “सुरक्षात्मक कार्रवाई” के तौर पर किया गया है। वहीं, इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि “हम अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएंगे और ईरान को दुनिया के लिए खतरा नहीं बनने देंगे।”
ईरान की प्रतिक्रिया:
दूसरी ओर, ईरान की समाचार एजेंसी ‘इरना’ के अनुसार, तेहरान ने इस हमले की निंदा की है और इसे ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। ईरानी सेना का दावा है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। ईरान ने चेतावनी दी है कि इस हमले का अंजाम भुगतना होगा और जल्द ही जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
दुनिया पर क्या होगा असर?
इस हमले के बाद वैश्विक बाजार में हड़कंप मच गया है। कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला एक पूर्ण युद्ध (Full-scale War) में बदल सकता है, जिससे न केवल मिडिल ईस्ट बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और शांति प्रभावित होगी।
मिडिल ईस्ट में छिड़े भीषण युद्ध के बीच ईरान से बेहद चौंकाने वाली खबरें आ रही हैं। अपुष्ट विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स और खुफिया सूत्रों के हवाले से यह दावा किया जा रहा है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए सटीक हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई के परिवार को भारी नुकसान पहुँचा है।
परिवार पर हमला और मौत का दावा:
रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान के एक सुरक्षित परिसर पर हुए हमले में खामनेई की बहू और उनके दामाद की मौत हो गई है। हालांकि, ईरान के सरकारी तंत्र ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन बताया जा रहा है कि हमले के वक्त ये लोग एक उच्च-स्तरीय बैठक या सुरक्षित आवास में मौजूद थे। गनीमत यह रही कि अयातुल्ला खामनेई खुद इस हमले में बाल-बाल बच गए और उन्हें सुरक्षित बंकर में शिफ्ट कर दिया गया है।
रक्षा मंत्री के मारे जाने की भी खबर:
इस हमले की सबसे बड़ी खबर ईरान के रक्षा मंत्रालय से जुड़ी है। सूत्रों का कहना है कि जिस वक्त इजरायली विमानों ने तेहरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, उस समय ईरानी रक्षा मंत्री एक महत्वपूर्ण बैठक कर रहे थे। दावा किया जा रहा है कि रक्षा मंत्रालय की इमारत पर हुए सीधे प्रहार में रक्षा मंत्री की जान चली गई है। अगर इस खबर की पुष्टि होती है, तो यह ईरान के सैन्य ढांचे के लिए अब तक का सबसे बड़ा आघात होगा।
अस्थिरता की स्थिति:
ईरान के भीतर से आ रही खबरें पूरी तरह से सेंसर की जा रही हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर धुएं के गुबार और चीख-पुकार के वीडियो वायरल हो रहे हैं। पेंटागन और इजरायली रक्षा बल (IDF) ने “हाई-वैल्यू टारगेट्स” को नष्ट करने की बात तो कही है, लेकिन अभी तक व्यक्तिगत नामों की पुष्टि नहीं की है।
विशेषज्ञों की राय:
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान के शीर्ष नेतृत्व और उनके परिवार को निशाना बनाया गया है, तो ईरान का पलटवार बेहद भयावह हो सकता है। यह हमला ईरान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलने वाला साबित हो रहा है।
“बड़ी तबाही, बड़ा दावा और अब बड़े पलटवार का डर! ईरान के इन हालातों पर हमारी टीम की लगातार नज़र बनी हुई है। ताज़ा तरीन खबरों के लिए हमारे पोर्टल को अभी सब्सक्राइब करें। सावधान नेशन न्यूज