साल 2026 खगोलीय घटनाओं के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है, और इसकी शुरुआत 3 मार्च 2026 को होने वाले पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) से हुई है। इस ग्रहण को दुनिया भर में ‘ब्लड मून’ (Blood Moon) के नाम से जाना जा रहा है।
खगोल विज्ञान में ‘ब्लड मून’ एक ऐसी स्थिति है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच इस तरह आती है कि चंद्रमा पर पृथ्वी की गहरी छाया (Umbra) पड़ती है। इस दौरान चंद्रमा पूरी तरह काला होने के बजाय गहरा लाल या तांबे जैसा दिखाई देता है।
1. क्या होता है ‘ब्लड मून’? (वैज्ञानिक कारण)
जब पूर्ण चंद्र ग्रहण होता है, तो पृथ्वी सूर्य की सीधी रोशनी को चंद्रमा तक पहुँचने से रोक देती है। हालांकि, पृथ्वी का वायुमंडल सूर्य की रोशनी को मोड़ देता है (Refraction)। नीला और बैंगनी प्रकाश वायुमंडल द्वारा बिखेर दिया जाता है, लेकिन लंबी तरंग दैर्ध्य वाला लाल प्रकाश मुड़कर चंद्रमा तक पहुँच जाता है। यही कारण है कि ग्रहण के चरम पर चंद्रमा रक्ताभ या गहरा लाल दिखाई देता है। इसकी तीव्रता वायुमंडल में मौजूद धूल और प्रदूषण के कणों पर भी निर्भर करती है।
2. 3 मार्च 2026 के ग्रहण का समय और दृश्यता
आज का यह ग्रहण भारत सहित दुनिया के कई हिस्सों में देखा गया।
समय: भारतीय समयानुसार (IST) यह ग्रहण दोपहर लगभग 3:20 PM पर शुरू हुआ और शाम 6:47 PM के आसपास समाप्त हुआ।
दृश्यता: भारत के पूर्वी हिस्सों (जैसे कोलकाता, गुवाहाटी) में चंद्रमा उदय होते समय यह ग्रहण आंशिक रूप से दिखाई दिया। इसके अलावा, यह प्रशांत महासागर, ऑस्ट्रेलिया, एशिया और उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्सों में पूर्ण रूप से दिखाई दिया।
3. धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व
भारतीय संस्कृति और ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण को एक महत्वपूर्ण घटना माना जाता है।
सूतक काल: पूर्ण चंद्र ग्रहण में सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले लग जाता है। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और शुभ कार्यों की मनाही होती है।
राशियों पर प्रभाव: ज्योतिषियों के अनुसार, साल का यह पहला ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लगा है। इसका विभिन्न राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है, जिसे लेकर लोग दान-पुण्य और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।
4. साल 2026 के अन्य ग्रहण
3 मार्च का यह ‘ब्लड मून’ साल की पहली बड़ी घटना है, लेकिन 2026 में और भी रोमांचक खगोलीय नजारे देखने को मिलेंगे:
12 अगस्त 2026: इस दिन एक पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) लगेगा, जो यूरोप और आर्कटिक क्षेत्रों में दिखाई देगा। यह दशकों बाद यूरोप में दिखने वाला सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण होगा।
28 अगस्त 2026: अगस्त के अंत में एक और आंशिक चंद्र ग्रहण लगने की संभावना है।
5. खगोल प्रेमियों के लिए खास निर्देश
चंद्र ग्रहण को देखना सूर्य ग्रहण की तुलना में पूरी तरह सुरक्षित है। इसे देखने के लिए किसी विशेष चश्मे या फिल्टर की आवश्यकता नहीं होती। आप इसे नंगी आंखों से या दूरबीन (Binoculars) की मदद से देख सकते हैं।
वैज्ञानिकों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं ब्रह्मांड की संरचना को समझने और पृथ्वी के वायुमंडल की स्थिति का अध्ययन करने के लिए बेहतरीन अवसर प्रदान करती हैं।
निष्कर्ष:
3 मार्च 2026 का ‘ब्लड मून’ न केवल वैज्ञानिकों के लिए डेटा जुटाने का जरिया है, बल्कि आम लोगों के लिए भी प्रकृति के अद्भुत स्वरूप को निहारने का एक मौका है। लाल रंग का चंद्रमा हमें याद दिलाता है कि हमारा ब्रह्मांड कितना विशाल और रहस्यों से भरा है।