सावधान नेशन न्यूज
तरुण कश्यप
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) एक बार फिर सुर्खियों में है। सुप्रीम कोर्ट की कड़ी आपत्ति के बाद एनसीईआरटी ने कक्षा 8 की सोशल साइंस की किताब से ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ से जुड़े विवादास्पद अंशों को हटाने का फैसला किया है। NCERT ने इसके लिए माफी मांगी है और संबंधित चैप्टर को वेबसाइट से हटाकर नए सिरे से लिखने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए मुख्य बदलाव:
नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत एनसीईआरटी लगातार अपने पाठ्यक्रम को अपडेट कर रहा है। यहाँ इस सत्र के कुछ प्रमुख बदलाव दिए गए हैं:
- नई पाठ्यपुस्तकें: सत्र 2025-26 के लिए कक्षा 4, 5, 7 और 8 की नई किताबें जारी की गई हैं। इससे पहले 2024-25 में कक्षा 1, 2, 3 और 6 की किताबें बदली गई थीं।
- इतिहास के सिलेबस में फेरबदल: मुग़ल काल और दिल्ली सल्तनत से जुड़े कुछ अध्यायों को कम किया गया है और प्राचीन भारतीय इतिहास व जनजातीय समुदायों के योगदान पर अधिक ज़ोर दिया गया है।
- किताबों के नए नाम: कई किताबों के नाम भी बदल दिए गए हैं। उदाहरण के लिए, कक्षा 5 की हिंदी किताब का नाम ‘वीणा’ और कक्षा 8 की हिंदी किताब का नाम ‘मल्हार’ रखा गया है।
- कौशल विकास पर ज़ोर: कक्षा 6 से ही व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) और ‘स्वदेशी मॉड्यूल’ को शामिल किया गया है ताकि छात्र व्यावहारिक ज्ञान सीख सकें।
- कक्षा 9 की नई किताबें: कक्षा 9 के लिए सभी विषयों की नई पाठ्यपुस्तकें मार्च 2026 तक उपलब्ध होने की उम्मीद है।
छात्रों और अभिभावकों के लिए सलाह:
सीबीएसई ने भी स्पष्ट किया है कि 2025-26 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए सिलेबस में लगभग 30% की कटौती की गई है। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे पुरानी किताबों के बजाय एनसीईआरटी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम रेशनलाइज्ड सिलेबस (Rationalised Syllabus) के अनुसार ही पढ़ाई करें।
किताबों के पन्ने बदल रहे हैं, ताकि देश का भविष्य बदल सके। लेकिन क्या ये बदलाव वाकई ज़मीनी स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता सुधार पाएंगे? सावधान नेशन न्यूज