संवाददाता : पूनम कश्यप
सावधान नेशन न्यूज़
भारतीय बैडमिंटन के लिए पिछला एक सप्ताह ऐतिहासिक सफलताओं से भरा रहा है। बर्मिंघम से लेकर बेसल तक, भारतीय खिलाड़ियों ने अपने रैकेट की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई है। जहाँ लक्ष्य सेन ने प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाकर इतिहास दोहराया, वहीं सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने स्विस ओपन में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का परचम लहराया है।
- लक्ष्य सेन का ऑल इंग्लैंड में संघर्ष: भारत के स्टार शटलर लक्ष्य सेन ने ऑल इंग्लैंड ओपन 2026 के फाइनल में जगह बनाई। हालांकि बेहद रोमांचक मुकाबले में उन्हें चीनी ताइपे के लिन चुन-यी से 15-21, 20-22 से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन काबिले तारीफ रहा। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में विश्व के नंबर 6 खिलाड़ी ली शी फेंग को हराकर सबको चौंका दिया था।
- सात्विक-चिराग की स्वर्णिम जीत: भारतीय पुरुष डबल्स जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने स्विस ओपन 2026 का खिताब जीतकर एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। फाइनल में इस जोड़ी ने चीन की जोड़ी को हराकर टूर्नामेंट के इतिहास में मेन्स डबल्स का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बनने का गौरव प्राप्त किया।
- देविका सिहाग का उभरता सितारा: युवा खिलाड़ी देविका सिहाग ने अजरबैजान इंटरनेशनल चैलेंज 2026 का विमेंस सिंगल्स खिताब जीतकर अपनी निरंतरता साबित की है। यह उनकी लगातार दूसरी अंतरराष्ट्रीय जीत है, इससे पहले उन्होंने थाईलैंड मास्टर्स सुपर 300 भी जीता था।
- पैरा-बैडमिंटन में भी दबदबा: हैदराबाद में आयोजित 7वीं सीनियर नेशनल पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप में पैरालंपिक चैंपियन कृष्ण नागर ने दोहरे स्वर्ण पदक (Double Gold) जीतकर अपनी बादशाहत कायम रखी।
लक्ष्य सेन का यह मैच किसी ‘रोलर-कोस्टर’ राइड से कम नहीं था। पूरे टूर्नामेंट में चोट और शरीर की ऐंठन (Cramps) से जूझने के बावजूद लक्ष्य ने हार नहीं मानी।
- रोमांचक पल: दूसरे गेम में जब लक्ष्य 9-11 से पीछे थे, उन्होंने लगातार 5 अंक जीतकर बढ़त बनाई।
- सस्पेंस: स्कोर जब 20-20 पर पहुंचा, तब पूरा स्टेडियम अपनी सीटों पर खड़ा हो गया। लक्ष्य ने एक अविश्वसनीय ‘डाइविंग डिफेंस’ (Diving Defense) दिखाया, लेकिन अंत में लिन चुन-यी ने अपने अनुभव से बाजी मार ली।
- साहस की मिसाल: लक्ष्य ने पूरे मैच में अपने जादुई ड्रॉप शॉट्स और डिफेंसिव खेल से विश्व नंबर 11 खिलाड़ी को कड़ी टक्कर दी ।
सात्विक-चिराग की ‘सस्पेंस’ जीत: स्विस ओपन (बासेल)
सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने साबित किया कि वे दुनिया की सबसे खतरनाक जोड़ियों में से एक क्यों हैं।
- ऐतिहासिक स्कोर: जापानी जोड़ी के खिलाफ दूसरे राउंड का मैच 28-26 के स्कोर तक चला गया! जापानी जोड़ी ने 7 मैच पॉइंट बचाए, जिससे मैच का रोमांच चरम पर पहुंच गया।
- जीत का जश्न: निर्णायक गेम में 13-13 के स्कोर के बाद खेल एक-एक अंक के लिए संघर्ष में बदल गया। जब भारतीय जोड़ी ने अंतिम अंक जीता, तो चिराग ने अपनी टी-शर्ट उतारकर और सात्विक ने अपने ट्रेडमार्क डांस के साथ जीत का जश्न मनाया ।
देविका सिहाग का ‘नर्व्स ऑफ स्टील’ प्रदर्शन: अजरबैजान इंटरनेशनल
युवा देविका सिहाग ने अपनी फुर्ती और दिमागी खेल से सबको प्रभावित किया।
- कठिन चुनौती: जर्मनी की मिरांडा विल्सन के खिलाफ राउंड ऑफ 16 मैच में, देविका ने दूसरा गेम हारने के बाद गजब की वापसी की।
- चैंपियन माइंडसेट: फाइनल में अपनी ही हमवतन नव्या कंदेरी को हराकर उन्होंने महज 28 मिनट में खिताब अपने नाम कर लिया, जो उनकी ‘अटैकिंग’ शैली का प्रमाण था
निष्कर्ष (Conclusion):
ये रोमांचक पल बताते हैं कि भारतीय बैडमिंटन अब केवल भागीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि जीत के जज्बे के साथ दुनिया पर राज कर रहा है। इन जीत के साथ भारत का अगला लक्ष्य अब बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप पर टिक गया है।
“लक्ष्य की फुर्ती और सात्विक-चिराग की शक्ति ने आज दुनिया को भारत का लोहा मनवाया है। खेल जगत की ऐसी ही गौरवपूर्ण खबरों के लिए देखते रहिए सावधान नेशन न्यूज़। जय हिंद!”