सावधान नेशन न्यूज
तरुण कश्यप
गाज़ियाबाद के निवासियों के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है। शहर के कई इलाकों में नगर निगम और जल निगम द्वारा सप्लाई किया जा रहा पानी स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन गया है। हालिया आंकड़ों और लैब रिपोर्टों से खुलासा हुआ है कि शहर के लगभग 27% पानी के नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं।
मुख्य बिंदु और प्रभावित इलाके:
- सीवर और गंगाजल का मिश्रण: इंदिरापुरम के अभय खंड जैसे पॉश इलाकों में निवासियों ने शिकायत की है कि गंगाजल की सप्लाई पाइपलाइन में सीवर का पानी मिल रहा है, जिससे पानी से बदबू आ रही है और लोग बीमार पड़ रहे हैं।
- पीला और बदबूदार पानी: मुरादनगर की तीन कॉलोनियों में करीब 5,000 लोग पीला और बदबूदार पानी पीने को मजबूर हैं।
- बैक्टीरिया का खतरा: जांच में पाया गया है कि पानी में कोलीफॉर्म (Coliform) बैक्टीरिया की मौजूदगी है, जो मल-मूत्र के संदूषण का संकेत है। यह विशेष रूप से राजनगर एक्सटेंशन और सिद्धार्थ विहार की सोसायटियों में देखा गया है।
- हाई टीडीएस (TDS): साहिबाबाद के कुछ हिस्सों में भूजल का टीडीएस स्तर 1700 तक पहुँच गया है, जो पीने के लिए बेहद असुरक्षित है।
प्रशासन की कार्रवाई:
बढ़ते विरोध के बाद, स्वास्थ्य विभाग ने शहर के 32 संवेदनशील स्थानों की पहचान की है जहाँ पानी की विशेष जांच के लिए टीमें उतारी जा रही हैं। गाज़ियाबाद नगर निगम ने दावा किया है कि वे दूषित पानी से राहत दिलाने के लिए 14 प्रभावित इलाकों में नई पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू कर रहे हैं।
जनता की राय:
स्थानीय निवासियों का कहना है कि भारी टैक्स भरने के बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। कई सोसायटियों में आरओ (RO) सिस्टम भी इस प्रदूषित पानी को साफ करने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
आप क्या करें?
विशेषज्ञों की सलाह है कि जब तक सप्लाई सुचारू नहीं होती, तब तक पानी को कम से कम 5-10 मिनट तक उबालकर ही पियें। यदि आपके इलाके में भी ऐसी समस्या है, तो आप जनसुनवाई पोर्टल या गाज़ियाबाद नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर 0120-4418384 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।