सावधान नेशन न्यूज़
राजीव सिंह
आज 24 फरवरी 2026 से होलाष्टक की शुरुआत हो चुकी है, जो 3 मार्च 2026 (होलिका दहन) तक चलेगा। हिंदू धर्म और ज्योतिष में इन 8 दिनों को “अशुभ काल” माना जाता है, इसलिए इस दौरान किसी भी तरह के मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है।
यहाँ इस खबर की पूरी जानकारी दी गई है:
इन 8 दिनों में क्या न करें?
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन दिनों में ग्रह उग्र हो जाते हैं, जिससे किए गए कार्यों का शुभ फल नहीं मिलता। इन कार्यों से बचें:
शादी और सगाई: इस दौरान विवाह संस्कार वर्जित हैं।
गृह प्रवेश: नए घर में प्रवेश या नींव रखना अशुभ माना जाता है।
नया व्यवसाय: व्यापार की शुरुआत या ऑफिस का उद्घाटन न करें।
अन्य संस्कार: बच्चों का मुंडन या नामकरण संस्कार भी इस अवधि में नहीं किया जाता।
बड़ी खरीदारी: नई गाड़ी या कीमती संपत्ति खरीदना टाल देना चाहिए।
क्यों माना जाता है इसे अशुभ?
इसके पीछे दो मुख्य पौराणिक और ज्योतिषीय कारण हैं:
भक्त प्रह्लाद की कथा: माना जाता है कि इन्हीं 8 दिनों में हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को घोर यातनाएं दी थीं और आठवें दिन उन्हें होलिका की गोद में अग्नि में बिठाया था।
ग्रहों की स्थिति: ज्योतिष के अनुसार, अष्टमी से पूर्णिमा तक सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि और राहु उग्र स्वभाव के हो जाते हैं, जिससे नकारात्मकता बढ़ती है।
क्या करना रहेगा शुभ?
हालांकि मांगलिक कार्य वर्जित हैं, लेकिन यह समय अध्यात्म और भक्ति के लिए बहुत उत्तम है:
महामृत्युंजय मंत्र का जाप और भगवान विष्णु की आराधना विशेष फलदायी होती है।
दान-पुण्य करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है।
विशेष टिप:–
इस साल 3 मार्च को चंद्र ग्रहण भी लग रहा है, जिससे होलाष्टक के अंतिम दिन का महत्व और बढ़ गया है।
“तो होलाष्टक के इन आठ दिनों में बरतें पूरी सावधानी और अपनी आस्था के साथ-साथ अपने विवेक को भी जागृत रखें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और देश-दुनिया की हर हलचल के लिए देखते रहिए Savdhaan Nation News।