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ईरान में नया युग: मोजतबा खामेनेई बने देश के सुप्रीम लीडर,

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पूनम कश्यप

तेहरान: ईरान के इतिहास में एक बड़े राजनीतिक उलटफेर के बीच, अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया और तीसरा ‘सुप्रीम लीडर’ नियुक्त किया गया है। ईरान की शक्तिशाली ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ ने आधिकारिक तौर पर इस फैसले की घोषणा की।

मुख्य बिंदु:

  • ऐतिहासिक बदलाव: 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद यह पहली बार है जब ईरान में नेतृत्व वंशानुगत (Hereditary) तरीके से आगे बढ़ा है।
  • रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का हाथ: सूत्रों के अनुसार, मोजतबा के चयन में ईरान की सेना ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
  • वैश्विक प्रतिक्रिया: मोजतबा की नियुक्ति पर पश्चिमी देशों और मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई है, जबकि ईरान के भीतर इसे स्थिरता का कदम बताया जा रहा है।

कौन हैं मोजतबा खामेनेई?

56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई लंबे समय से पर्दे के पीछे से ईरान की सत्ता को प्रभावित करते रहे हैं। उन्हें अपने पिता का सबसे भरोसेमंद सलाहकार माना जाता था। खुफिया एजेंसियों का दावा है कि मोजतबा पहले से ही ईरान के सुरक्षा और खुफिया तंत्र पर मजबूत पकड़ रखते हैं।उत्तराधिकार पर उठे सवाल

ईरान में सुप्रीम लीडर का चयन ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ द्वारा किया जाता है, जो धार्मिक विद्वानों की एक परिषद है। हालांकि, मोजतबा का चयन विवादों से परे नहीं है। आलोचकों का तर्क है कि एक धार्मिक गणराज्य में सत्ता का पिता से पुत्र के पास जाना उस क्रांति के सिद्धांतों के खिलाफ है, जो राजशाही (शाह का शासन) को खत्म करने के लिए हुई थी।

क्या होगा असर?

मोजतबा खामेनेई को एक कट्टरपंथी नेता के रूप में देखा जाता है। उनके नेतृत्व में ईरान की विदेश नीति, विशेषकर अमेरिका और इजरायल के प्रति, और अधिक आक्रामक होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, देश के भीतर बढ़ते सामाजिक असंतोष और आर्थिक संकट से निपटना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।

मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) ईरान के वर्तमान और तीसरे सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) हैं। उनका ईरान से गहरा पारिवारिक और राजनीतिक रिश्ता है: 

  • पारिवारिक रिश्ता: वह ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं। मार्च 2026 में अपने पिता की मृत्यु के बाद उन्हें इस पद के लिए चुना गया।
  • जन्म और मूल स्थान: मोजतबा का जन्म 8 सितंबर 1969 को ईरान के उत्तर-पूर्वी शहर मशहद (Mashhad) में हुआ था। यह शहर शिया इस्लाम के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में से एक है।
  • शिक्षा और पृष्ठभूमि:
    • उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा तेहरान के प्रतिष्ठित अलावी स्कूल से पूरी की।
    • 17 साल की उम्र में उन्होंने ईरान-इराक युद्ध (1980 के दशक) में सैन्य सेवा दी, जहाँ उन्होंने भविष्य के सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों के साथ गहरे संबंध बनाए।
    • बाद में उन्होंने पवित्र शहर कोम (Qom) के मदरसों में धार्मिक शिक्षा प्राप्त की और एक मध्य-स्तरीय धर्मगुरु (हुज्जत-अल-इस्लाम) बने।
  • राजनीतिक भूमिका: सर्वोच्च नेता बनने से पहले उन्होंने कभी कोई औपचारिक सरकारी पद नहीं संभाला, लेकिन वे अपने पिता के कार्यालय (Office of the Supreme Leader) में एक शक्तिशाली पर्दे के पीछे के रणनीतिकार और ‘गेटकीपर’ के रूप में जाने जाते थे। उन्हें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का बेहद करीबी माना जाता है।

“ईरान के इस बड़े सियासी बदलाव और मोजतबा खामेनेई के उदय पर हमारी नज़र बनी रहेगी। देश-दुनिया की तमाम बड़ी खबरों के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ। सावधान नेशन न्यूज़ ,

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