सावधान नेशन न्यूज
तरुण कश्यप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज इजरायल की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर रवाना हुए। साल 2017 के बाद यह उनकी दूसरी इजरायल यात्रा है, जिसे दोनों देशों के ‘विशेष रणनीतिक संबंधों’ के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है। तेल अवीव पहुँचने पर इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने उनका भव्य स्वागत किया।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- नेसेट संबोधन: पीएम मोदी इजरायल की संसद, नेसेट (Knesset) को संबोधित करने वाले पहले भारतीय नेता बनेंगे।
- रक्षा सौदे (Defence Deals): इस दौरे में भारत को इजरायल की प्रसिद्ध ‘आयरन डोम’ (Iron Dome) मिसाइल डिफेंस तकनीक मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा आधुनिक ड्रोन और एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों को लेकर भी महत्वपूर्ण समझौते हो सकते हैं।
- हेक्सागन गठबंधन (Hexagon Alliance): पीएम नेतन्याहू ने पश्चिम एशिया और भारत को शामिल करते हुए एक नए गठबंधन की परिकल्पना की है, जिस पर इस यात्रा के दौरान चर्चा होगी।
- मुक्त व्यापार समझौता (FTA): दोनों देश इस साल के अंत तक एक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
- अन्य क्षेत्र: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा, क्वांटम कंप्यूटिंग और कृषि (सटीक खेती) जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर विशेष जोर रहेगा।
कार्यक्रम का विवरण (Itinerary):
- 25 फरवरी: तेल अवीव आगमन, पीएम नेतन्याहू के साथ निजी बैठक और संसद (नेसेट) में संबोधन।
- 26 फरवरी: ‘याद वाशेम’ (होलोकॉस्ट मेमोरियल) का दौरा, राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग से मुलाकात और डेलिगेशन लेवल की वार्ता।
निष्कर्ष:
विशेषज्ञों के अनुसार, यह यात्रा न केवल भारत की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाएगी, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत और इजरायल के बीच बढ़ते विश्वास को भी प्रदर्शित करेगी।
पीएम मोदी का यह दौरा पश्चिम एशिया की राजनीति में भारत को एक नए ‘पावर प्लेयर’ के रूप में स्थापित करेगा? इस ऐतिहासिक यात्रा की हर बड़ी अपडेट और अंदरूनी खबर के लिए देखते रहिए सावधान नेशन न्यूज़