सावधान नेशन न्यूज
तरुण कश्यप
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप ढालने के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के 121 राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों के आधुनिकीकरण की योजना के तहत, प्रथम चरण में 45 संस्थानों को अपग्रेड करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
प्रमुख बिंदु:
- बजट और निवेश: इस पूरी परियोजना की लागत लगभग ₹6,935.8 करोड़ है, जिसमें टाटा टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (TTL) 87% और राज्य सरकार 13% खर्च वहन करेगी।
- पहली किश्त जारी: हाल ही में सरकार ने इन 45 संस्थानों में निर्माण कार्यों के लिए ₹159 करोड़ की पहली किस्त जारी कर दी है।
- आधुनिक सुविधाएं: इन सेंटरों में इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), 3D प्रिंटिंग और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे नए जमाने के कोर्स सिखाए जाएंगे।
- रोजगार के अवसर: टाटा टेक्नोलॉजीज न केवल प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित करेगी, बल्कि छात्रों को बेहतर जॉब प्लेसमेंट दिलाने में भी मदद करेगी।
शिक्षा और उद्योग का मेल:
अतिरिक्त मुख्य सचिव (प्राविधिक शिक्षा) के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य ‘इंडस्ट्री-एकेडेमिया गैप’ को कम करना है ताकि डिप्लोमा धारक युवाओं को सीधे बड़े उद्योगों और MSMEs में नौकरी मिल सके। प्रत्येक संस्थान में मशीनों और उपकरणों की स्थापना पर करीब ₹57.3 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
निष्कर्ष:
इस बदलाव के बाद यूपी के पॉलिटेक्निक संस्थान महज शैक्षणिक केंद्र न रहकर ‘मिनी इंडस्ट्री’ के रूप में उभरेंगे, जहाँ छात्र वास्तविक मशीनों पर हाथों-हाथ प्रशिक्षण (Hands-on Training) प्राप्त कर सकेंगे।
“टाटा समूह और सरकार की यह जुगलबंदी यूपी के युवाओं के लिए सुनहरे भविष्य के द्वार खोलने जा रही है। शिक्षा और रोजगार से जुड़ी ऐसी ही हर महत्वपूर्ण खबर को सबसे पहले देखने के लिए सब्सक्राइब करें हमारा चैनल। सावधान नेशन न्यूज,