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पटना में गैस सिलेंडरों की भारी कमी के कारण 3000 हॉस्टल बंद होने की कगार पर

पटना | बिहार

संवाददाता : कृष्णा बिहारी, पटना

बिहार की राजधानी पटना इन दिनों गंभीर गैस संकट से जूझ रही है। एलपीजी सिलेंडरों की भारी कमी के कारण शहर के करीब 3000 से अधिक छात्र हॉस्टल बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। स्थिति ऐसी बन गई है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो करीब 2.5 लाख छात्रों को अपने घर लौटने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

हॉस्टल संचालकों का कहना है कि पिछले कई दिनों से एलपीजी सिलेंडर समय पर नहीं मिल रहे हैं। जिन हॉस्टलों में पहले रोजाना तीन वक्त खाना बनता था, वहां अब गैस की कमी के कारण खाना बनाना मुश्किल हो गया है। कई हॉस्टलों ने छात्रों को साफ तौर पर कह दिया है कि अगर गैस की सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो उन्हें हॉस्टल खाली करना पड़ सकता है।

छात्रों के सामने बड़ा संकट
पटना में पढ़ाई करने के लिए बिहार और दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में छात्र आते हैं। इन छात्रों का मुख्य सहारा निजी हॉस्टल और मेस होते हैं। लेकिन गैस संकट के कारण मेस संचालन लगभग ठप होने की स्थिति में है।

कई छात्रों का कहना है कि हॉस्टल में खाना नहीं बनने की वजह से उन्हें बाहर होटल या ढाबों पर निर्भर होना पड़ रहा है। लेकिन वहां भी स्थिति बहुत बेहतर नहीं है, क्योंकि होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को भी गैस की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

होटलों और ढाबों पर भी असर
गैस संकट का असर सिर्फ हॉस्टलों तक सीमित नहीं है। शहर के कई होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। कई जगहों पर होटल संचालकों ने ऑर्डर लेना कम कर दिया है, जबकि कुछ जगहों पर बड़े ऑर्डर पूरी तरह टाल दिए जा रहे हैं।

होटल मालिकों का कहना है कि पहले जहां आसानी से गैस सिलेंडर मिल जाते थे, अब उन्हें कई-कई दिन इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ जगहों पर ब्लैक मार्केटिंग की भी शिकायतें सामने आ रही हैं, जहां 900 से 1000 रुपये वाला सिलेंडर 1600 से 1800 रुपये तक में बेचा जा रहा है।

हॉस्टल संचालकों की चेतावनी
हॉस्टल संचालकों ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि अगर गैस की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो उन्हें मजबूरी में हॉस्टल बंद करना पड़ेगा।

एक हॉस्टल संचालक ने बताया कि उनके यहां करीब 200 छात्र रहते हैं। रोजाना खाना बनाने के लिए कई सिलेंडर की जरूरत पड़ती है, लेकिन गैस एजेंसी समय पर सप्लाई नहीं कर पा रही है। ऐसे में हॉस्टल चलाना मुश्किल हो गया है।

प्रशासन क्या कह रहा है?
इस मामले में गैस एजेंसियों का कहना है कि सप्लाई चेन में दिक्कत आने की वजह से कुछ दिनों के लिए कमी हुई है। अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही स्थिति सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।

प्रशासन का दावा है कि शहर में गैस की कालाबाजारी पर भी नजर रखी जा रही है और शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

छात्रों और अभिभावकों में चिंता
इस पूरे मामले ने छात्रों और उनके अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। अगर हॉस्टल बंद होते हैं तो छात्रों की पढ़ाई पर भी असर पड़ सकता है। कई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।

अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो राजधानी पटना में यह गैस संकट शिक्षा व्यवस्था पर भी गहरा असर डाल सकता है।

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