सावधान नेशन न्यूज
तरुण कश्यप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को दुनिया की टॉप 3 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) महाशक्तियों में शामिल करने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। 17 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित ‘India AI Impact Summit’ के दौरान पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत अब केवल तकनीक का उपभोक्ता (Consumer) नहीं, बल्कि निर्माता (Creator) बनेगा।
मुख्य बिंदु :
- 10,300 करोड़ रुपये का निवेश: केंद्र सरकार ने ‘IndiaAI मिशन’ के तहत अगले पांच वर्षों के लिए 10,300 करोड़ रुपये से अधिक का बजट आवंटित किया है।
- शक्तिशाली इंफ्रास्ट्रक्चर (GPU): देश की कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने के लिए 10,000 से अधिक ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) का एक विशाल समूह तैयार किया जा रहा है।
- 7 प्रमुख स्तंभ (Seven Pillars): यह मिशन कंप्यूटिंग एक्सेस, डेटासेट प्लेटफॉर्म, स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल, स्किलिंग, स्टार्टअप फाइनेंसिंग और जिम्मेदार AI गवर्नेंस जैसे 7 स्तंभों पर आधारित है।
- अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान: अनुमान है कि 2035 तक AI तकनीक भारत की अर्थव्यवस्था में 1.7 ट्रिलियन डॉलर का अतिरिक्त मूल्य जोड़ सकती है।
पीएम मोदी का विजन: “स्वदेशी कोड और वैश्विक समाधान”
प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि भारत का AI मॉडल अपनी स्थानीय भाषाओं और मूल्यों को प्रतिबिंबित करेगा। ‘भाषिणी’ (Bhashini) जैसे प्लेटफार्मों के माध्यम से 22 भारतीय भाषाओं में AI समाधान पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
युवाओं और स्टार्टअप्स के लिए अवसर:
सरकार का लक्ष्य 10 लाख से अधिक युवाओं को AI स्किलिंग प्रदान करना है ताकि वे भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार हो सकें। पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय स्टार्टअप्स न केवल भारत के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए खेती, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी समाधान विकसित करेंगे।
निष्कर्ष (Conclusion):
भारत ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के ग्लोबल AI इंडेक्स में पहले ही अपनी मजबूत स्थिति दर्ज कराई है। ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को पूरा करने में AI एक “फोर्स मल्टीप्लायर” की भूमिका निभाएगा।