सावधान नेशन न्यूज़

गाजियाबाद महायोजना-2031

सावधान नेशन न्यूज
तरुण कश्यप

शहर के नियोजित विकास को नई गति देते हुए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने महायोजना-2031 के तहत मिश्रित भू-उपयोग (Mixed Land Use) के प्रावधानों को धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है। शासन से मास्टर प्लान को हरी झंडी मिलने के बाद, अब चिह्नित जोनों में आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अलग-अलग अनुमति लेने की बाध्यता समाप्त हो जाएगी।

मुख्य आकर्षण:

  • TOD जोन में विशेष रियायत: रैपिड रेल (RRTS) और मेट्रो कॉरिडोर के किनारे स्थित ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) जोनों में मिश्रित भू-उपयोग को प्राथमिकता दी गई है। इससे दुहाई और गुलधर जैसे क्षेत्रों में ऊर्ध्वाधर विकास (Vertical Expansion) को बढ़ावा मिलेगा।
  • निवेश और रोजगार में वृद्धि: इस नीति के लागू होने से गाजियाबाद एक बड़े इन्वेस्टमेंट हब के रूप में उभरेगा, जिससे रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी आएगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
  • 500 हेक्टेयर का अतिरिक्त क्षेत्र: दुहाई डिपो के विशेष विकास क्षेत्र में लगभग 500 हेक्टेयर भूमि को मिश्रित उपयोग के लिए आरक्षित किया गया है।
  • सरल प्रक्रिया: अब आवेदकों को मानचित्र स्वीकृति और भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रियाओं में राहत मिलेगी, जिससे शहर के बुनियादी ढांचे का एकीकृत विकास सुनिश्चित होगा। 

अधिकारियों का क्या कहना है?
GDA अधिकारियों के अनुसार, महायोजना-2031 का लक्ष्य गाजियाबाद को एक ‘स्मार्ट और कॉम्पैक्ट सिटी’ बनाना है। मिश्रित भू-उपयोग से न केवल ट्रैफिक का दबाव कम होगा, बल्कि लोगों को उनके निवास स्थान के पास ही सुविधाएं और कार्यस्थल उपलब्ध हो सकेंगे। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *