सावधान नेशन न्यूज
तरुण कश्यप
तिब्बती आध्यात्मिक गुरु, 14वें दलाई लामा के राज्याभिषेक (Enthronement) की 86वीं वर्षगांठ आज हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित मैक्लोडगंज में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (CTA) द्वारा आयोजित इस आधिकारिक समारोह में दुनिया भर से आए अनुयायियों और गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया और धर्मगुरु की लंबी उम्र की प्रार्थना की।
मुख्य बिंदु:
- समारोह का आगाज़: कार्यक्रम की शुरुआत तिब्बती राष्ट्रीय गान और ध्वजारोहण के साथ हुई। मैक्लोडगंज के मुख्य मंदिर (त्सुगलाखंग) में विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया।
- मुख्य अतिथि: नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दलाई लामा को “दुनिया के लिए करुणा और स्वतंत्रता का प्रकाश पुंज” बताया।
- सत्यर्थी का संबोधन: कैलाश सत्यार्थी ने अपने संबोधन में कहा कि दलाई लामा का 86 वर्षों का यह सफर अंधेरे से प्रकाश की ओर जाने वाली यात्रा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दलाई लामा के उत्तराधिकारी का चुनाव केवल स्थापित धार्मिक परंपराओं के अनुसार ही होना चाहिए।
- सांस्कृतिक कार्यक्रम: ‘तिब्बती इंस्टीट्यूट ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स’ (TIPA) के कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य और गीतों के माध्यम से अपनी संस्कृति का प्रदर्शन किया।
ऐतिहासिक संदर्भ:
बता दें कि तेनजिन ग्यात्सो को 1940 में मात्र 4 वर्ष की आयु में तिब्बत के ‘गोल्डन थ्रोन’ पर बैठाया गया था। तब से वे तिब्बती लोगों के आध्यात्मिक और राजनीतिक नेतृत्व का प्रतीक रहे हैं।