सावधान नेशन न्यूज़
तरूण कश्यप
पटना के गर्ल्स हॉस्टल में एक NEET छात्रा की संदिग्ध मौत और यौन शोषण के आरोपों के बाद वहां रह रही छात्राओं में भारी असुरक्षा और डर का माहौल है। कई छात्राओं का कहना है कि दिल्ली जैसे शहरों के मुकाबले पटना में रहना अब उन्हें अधिक खतरनाक महसूस हो रहा है।
इस घटना के बाद बिहार सरकार ने राज्य भर के प्राइवेट हॉस्टल्स के लिए सख्त नए सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं:–
अनिवार्य पंजीकरण: अब सभी गर्ल्स हॉस्टल्स और लॉज का स्थानीय प्रशासन और पुलिस स्टेशन में पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है।
24/7 महिला वार्डन: हर गर्ल्स हॉस्टल में 24 घंटे एक महिला वार्डन की मौजूदगी अनिवार्य होगी।
स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन: वार्डन, गार्ड, रसोइया और सफाईकर्मियों सहित सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन (Police Verification) अनिवार्य है।
CCTV और बायोमेट्रिक्स: मुख्य द्वार, कॉरिडोर और डाइनिंग एरिया में CCTV कैमरे लगाना और रात की उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम का उपयोग करना जरूरी है।
पुरुषों के प्रवेश पर रोक: हॉस्टल के आवासीय क्षेत्रों में पुरुषों (रिश्तेदारों सहित) का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित होगा; उनके लिए अलग विजिटर रूम होने चाहिए।
नियमित निरीक्षण: पुलिस, ‘अभय ब्रिगेड’ और महिला हेल्प डेस्क की टीमें सुरक्षा मानकों की जांच के लिए नियमित निरीक्षण करेंगी।
आपातकालीन संपर्क: हॉस्टल्स में 112 हेल्पलाइन और स्थानीय पुलिस के नंबर वाले पोस्टर प्रमुखता से लगाने होंगे।