सुनीता कुमारी
सावधान नेशन न्यूज़
29 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने UGC (Promotion of Equity in Higher Education Institutions) Regulations,पर रोक लगा दी है।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले और UGC के नए नियमों पर प्रमुख घटनाक्रम इस प्रकार हैं:
- सुप्रीम कोर्ट का फैसला: चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने नए नियमों को “अस्पष्ट” (vague) और “दुरुपयोग के योग्य” बताया। कोर्ट ने कहा कि ये नियम समाज को बांट सकते हैं और इनके “गंभीर परिणाम” हो सकते हैं। फिलहाल 2012 के पुराने नियम ही लागू रहेंगे।
- बृजभूषण शरण सिंह की प्रतिक्रिया: पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने इस स्टे का स्वागत करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने “देश को टूटने से बचा लिया”। उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि यह कानून सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ सकता था और इससे केवल एक विशेष समुदाय को निशाना बनाया जा रहा था।
- विवाद की मुख्य वजह: नए नियमों में “जाति-आधारित भेदभाव” की परिभाषा को लेकर विरोध था। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि यह परिभाषा केवल SC, ST और OBC तक सीमित थी, जिससे सामान्य वर्ग के छात्रों के पास भेदभाव की स्थिति में कोई कानूनी उपचार (remedy) नहीं बचता।
- अगली कार्रवाई: कोर्ट ने केंद्र सरकार और UGC को नोटिस जारी किया है और मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को तय की है। कोर्ट ने नियमों की समीक्षा के लिए प्रतिष्ठित न्यायविदों की एक समिति बनाने का सुझाव भी दिया है।