सावधान नेशन न्यूज
तरुण कश्यप
भारत और इजरायल के रिश्तों में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल की संसद ‘नेसेट’ को संबोधित कर इतिहास रच दिया है। वे ऐसा करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं। यरूशलेम से आई इन तस्वीरों ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है, जहाँ पीएम मोदी का स्वागत किसी ‘भाई’ की तरह किया गया।
- ऐतिहासिक पल: 25 फरवरी 2026 की शाम भारत-इजरायल दोस्ती के लिए मील का पत्थर साबित हुई। जब प्रधानमंत्री मोदी ने ‘नेसेट’ के विशेष सत्र को संबोधित किया, तो पूरा सदन ‘मोदी-मोदी’ के नारों और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
- बड़ा सम्मान: संबोधन के बाद पीएम मोदी को ‘मेडल ऑफ द नेसेट’ (Speaker of the Knesset Medal) से सम्मानित किया गया। यह इजरायली संसद का सर्वोच्च सम्मान है, जिसे पीएम मोदी ने दोनों देशों की अटूट मित्रता को समर्पित किया।
- आतंकवाद पर कड़ा प्रहार: अपने 30 मिनट के भाषण में पीएम मोदी ने आतंकवाद को वैश्विक खतरा बताया। उन्होंने 26/11 के मुंबई हमलों को याद करते हुए कहा कि भारत और इजरायल दोनों ही आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति रखते हैं।
- नेतन्याहू का संबोधन: इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी को ‘एशिया का शेर’ और ‘सच्चा भाई’ कहकर पुकारा। उन्होंने कहा कि यह दौरा दोनों देशों के बीच रक्षा, तकनीक और इनोवेशन के नए युग की शुरुआत है।
पीएम मोदी के भाषण के मुख्य अंश
- “मैं उस प्राचीन सभ्यता का प्रतिनिधि बनकर आया हूँ, जिसका इजरायल के साथ गहरा और पुराना नाता है”।
- “आतंकवाद कहीं भी हो, वह हर जगह की शांति के लिए खतरा है”।
- “भारत और इजरायल की साझेदारी केवल रक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि यह तकनीक और विकास का भी संगम है”।
- प्रधानमंत्री का यह दौरा न केवल कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह बदलते वैश्विक समीकरणो में भारत की बढ़ती ताकत का भी प्रतीक है।
भारत और इजरायल की इस अटूट दोस्ती और पीएम मोदी के इस ऐतिहासिक संबोधन ने दुनिया को एक कड़ा संदेश दे दिया है। अंतरराष्ट्रीय राजनीति की हर बड़ी हलचल और देशहित से जुड़ी हर खबर के लिए आप देखते रहिए सावधान नेशन न्यूज