सावधान नेशन न्यूज
तरुण कश्यप
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में सुरक्षा बलों को रविवार को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के एक संयुक्त ऑपरेशन ‘ऑपरेशन त्राशी-I’ में जैश-ए-मोहम्मद के मोस्ट वांटेड कमांडर सैफुल्लाह को उसके दो साथियों के साथ मार गिराया गया है। मारे गए तीनों आतंकी पाकिस्तानी मूल के बताए जा रहे हैं।
- लोकेशन: यह मुठभेड़ किश्तवाड़ जिले के चत्रू बेल्ट के पसेरकुट (Passerkut) इलाके में हुई।
- ऑपरेशन: विशिष्ट खुफिया इनपुट के आधार पर ‘ऑपरेशन त्राशी-I’ शुरू किया गया था। आतंकी एक ‘ढोक’ (मिट्टी के घर) में छिपे थे, जिसे मुठभेड़ के दौरान रॉकेट लॉन्चर से उड़ा दिया गया।
- बरामदगी: मौके से दो AK-47 राइफलें और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद हुआ है।
- पहचान: मारा गया सैफुल्लाह पिछले 2 सालों से इस क्षेत्र में सक्रिय था और सुरक्षा बलों पर हुए कई हमलों का मास्टरमाइंड था।
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सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, सैफुल्लाह एक शातिर आतंकी था जो अब तक करीब 20 बार सुरक्षा बलों के घेरे से भागने में सफल रहा था। हाल ही में सुरक्षा बलों ने उसकी सूचना देने वाले के लिए 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था और उसके पोस्टर भी लगाए थे।
मुठभेड़ के दौरान हुई भारी गोलीबारी में उस कच्चे घर (ढोक) में आग लग गई जहां आतंकी छिपे थे, जिससे उनके शव बुरी तरह झुलस गए। सैफुल्लाह जुलाई 2024 में हुए उस हमले में भी शामिल था जिसमें सेना के चार जवान शहीद हुए थे।
इस कार्रवाई को सीमा पार से संचालित होने वाले आतंकी नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है ताकि किसी भी संभावित खतरे को पूरी तरह खत्म किया जा सके।