सावधान नेशन न्यूज़
मोहिनी कुमारी
‘Strength Within’ थीम पर आधारित यह समिट आज भारत की आंतरिक ताकत, आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व क्षमता को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का सशक्त मंच बन चुका है।
दूसरे दिन की शुरुआत जोश और नई ऊर्जा के साथ हुई, जहां सरकार, उद्योग, टेक्नोलॉजी, रक्षा, खेल और मनोरंजन जगत की बड़ी हस्तियां एक मंच पर भारत के भविष्य की दिशा तय करने के लिए जुटीं।
सबसे पहले बात खेल जगत की।
भारतीय क्रिकेट के दिग्गज चेहरों ने मंच से अपने अनुभव और संघर्ष की कहानियां साझा कीं।
महिला क्रिकेट की पूर्व कप्तान मिताली राज ने कहा कि भारत में महिला खेलों का भविष्य बेहद उज्ज्वल है। उन्होंने बताया कि आज की युवा पीढ़ी में आत्मविश्वास पहले से कहीं ज्यादा है और सरकार की नीतियों ने खिलाड़ियों को मजबूत आधार दिया है।
मिताली ने यह भी कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि देश की पहचान और सशक्तिकरण का प्रतीक है।
तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने मंच पर दिल खोलकर अपनी बात रखी। उन्होंने 2023 वर्ल्ड कप को अपनी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट बताया।
शमी ने कहा, “कभी-कभी बेंच पर बैठना भी सीख देता है। लेकिन जब मौका मिलता है, तो वही खिलाड़ी इतिहास बनाता है।”
उन्होंने वर्ल्ड कप में अपने 7 विकेट वाले ऐतिहासिक प्रदर्शन को याद करते हुए कहा कि वह दिन सिर्फ उनके करियर के लिए नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास के लिए भी निर्णायक था। शमी ने युवाओं को संदेश दिया कि संघर्ष से घबराएं नहीं, क्योंकि वही आपको मजबूत बनाता है।
स्पिनर युजवेंद्र चहल ने भी मंच पर हल्के-फुल्के अंदाज में गंभीर बातें रखीं।
उन्होंने टीम स्पिरिट और मानसिक मजबूती को सफलता की कुंजी बताया। चहल ने कहा कि क्रिकेट में दबाव हमेशा रहेगा, लेकिन जो खिलाड़ी मानसिक रूप से मजबूत है, वही लंबे समय तक टिकता है।
खेल के अलावा राजनीति और नीति निर्माण से जुड़े बड़े चेहरे भी मंच पर मौजूद रहे। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा और हेल्थ सेक्टर में हो रहे बदलावों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि नया भारत सिर्फ आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि सामाजिक रूप से भी मजबूत हो रहा है।
रक्षा और वैश्विक रणनीति पर चर्चा के दौरान ब्रिटेन के पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ निक कार्टर ने भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति बेहद महत्वपूर्ण है और आने वाले समय में भारत वैश्विक सुरक्षा ढांचे में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने आत्मनिर्भर भारत के तहत रक्षा उत्पादन में हो रही प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत अब सिर्फ रक्षा उपकरणों का आयातक नहीं, बल्कि निर्यातक भी बन रहा है।
टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर चर्चा करते हुए सर्वम AI के को-फाउंडर प्रत्युष कुमार ने कहा कि भारत एआई क्रांति के केंद्र में है। उन्होंने बताया कि भारतीय स्टार्टअप्स ग्लोबल लेवल पर प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं और सरकार की डिजिटल नीतियां इस बदलाव को गति दे रही हैं।
समिट का उद्देश्य स्पष्ट है — भारत की आंतरिक शक्ति को पहचानना और उसे वैश्विक नेतृत्व में बदलना। यह मंच नीति निर्माताओं, उद्योग जगत, स्टार्टअप्स और युवाओं को एक साथ लाकर भविष्य की रणनीति तैयार करने का अवसर देता है।
यह केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि एक आंदोलन बनता जा रहा है — जहां से नए विचार, नई साझेदारियां और नई नीतियां जन्म ले रही हैं।
राइजिंग भारत समिट 2026 यह संदेश देता है कि भारत अब सिर्फ उभरती अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि वैश्विक एजेंडा तय करने वाला देश बन चुका है। खेल के मैदान से लेकर टेक्नोलॉजी लैब तक, नीति निर्माण से लेकर स्टार्टअप इकोसिस्टम तक — हर क्षेत्र में भारत अपनी ‘Strength Within’ को साबित कर रहा है।