सावधान नेशन न्यूज
तरुण कश्यप
नोएडा/ग्रेटर नोएडा, 15 अप्रैल 2026
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में पिछले दो दिनों से चल रहा श्रमिकों का विरोध प्रदर्शन सोमवार को हिंसक हो गया, जिसके बाद पुलिस ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की है। वेतन वृद्धि की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों द्वारा पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं के बाद पुलिस ने अब तक 350 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है।
मुख्य घटनाक्रम और पुलिसिया कार्रवाई:
- बड़ी गिरफ्तारियां: गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने उपद्रव और शांति भंग करने के आरोप में 350 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।
- सोशल मीडिया पर नजर: पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के अनुसार, हिंसा भड़काने के लिए वॉट्सऐप ग्रुप और QR कोड का इस्तेमाल कर श्रमिकों को संगठित किया जा रहा था। पुलिस ऐसे डिजिटल नेटवर्कों की गहराई से जांच कर रही है।
- दर्ज हुई FIR: उपद्रव की अलग-अलग घटनाओं के संबंध में अब तक 7 एफआईआर (FIR) दर्ज की गई हैं।
- भारी सुरक्षा बल: औद्योगिक क्षेत्रों (जैसे फेज-2 और सेक्टर-83) में 15 कंपनियों की पीएसी और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
क्यों भड़का गुस्सा?
श्रमिक लंबे समय से न्यूनतम वेतन बढ़ाने और हरियाणा (मानेसर) की तर्ज पर वेतन व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे थे। हालांकि योगी सरकार ने अंतरिम राहत देते हुए वेतन में ₹3000 तक की बढ़ोतरी का आदेश जारी कर दिया है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना जाएगा।
प्रशासन की चेतावनी
नोएडा पुलिस और जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। एसटीएफ (STF) इस पूरे मामले में बाहरी ताकतों और सुनियोजित साजिश के एंगल से भी जांच कर रही है।
गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी (DM) मेधा रूपम ने नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन के बाद हिंसा की निंदा करते हुए सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने 21% अंतरिम वेतन वृद्धि, समय पर वेतन, और दुगने ओवरटाइम के साथ शांति बनाए रखने की अपील की है।
उपद्रव से निपटने के लिए पुलिस की विस्तृत तैयारियां निम्नलिखित हैं:
1. सख्त कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारियां
- 350+ गिरफ्तारियां: अब तक 350 से अधिक उपद्रवियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 100 से ज्यादा लोग हिरासत में लिए गए हैं।
- 7 एफआईआर (FIR) दर्ज: आगजनी, तोड़फोड़ और शांति भंग करने के मामले में विभिन्न थानों में 7 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
- डिजिटल ‘सिंडिकेट’ की जांच: पुलिस ने खुलासा किया है कि हिंसा भड़काने के लिए QR कोड और वॉट्सऐप बॉट्स का इस्तेमाल कर योजना बनाई गई थी। पुलिस इन डिजिटल नेटवर्कों और उनके फंडिंग सोर्स की जांच कर रही है।
2. सुरक्षा बल की तैनाती और निगरानी
- भारी पुलिस बल: औद्योगिक क्षेत्रों (जैसे फेज-2, सेक्टर-60, 62, 83 और 84) में भारी संख्या में पुलिस बल और 15 कंपनियों की पीएसी (PAC) तैनात की गई है।
- फ्लैग मार्च (Flag March): सेक्टर-121 और अन्य संवेदनशील इलाकों में पुलिस लगातार फ्लैग मार्च कर रही है ताकि जनता में सुरक्षा का भाव बना रहे।
- सीसीटीवी (CCTV) से पहचान: पुलिस फैक्ट्रियों और चौराहों पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि हिंसा और पत्थरबाजी में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जा सके।
3. रणनीतिक और निवारक उपाय
- ‘आउटसाइडर्स’ पर पैनी नजर: पुलिस जांच में सामने आया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद बाहरी तत्वों ने घुसपैठ कर हिंसा भड़काई। अब पुलिस बाहरी जिलों से आने वाले संदिग्ध समूहों की सघन चेकिंग कर रही है।
- अफवाहों पर रोक: सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
- संवाद और समन्वय: पुलिस प्रशासन श्रमिकों के साथ संवाद कर रहा है ताकि उनकी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से सुना जा सके और उन्हें वापस काम पर लौटने के लिए प्रेरित किया जा सके।
“फिलहाल नोएडा में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति काबू में है। प्रशासन की अपील है कि किसी भी भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। क्षेत्र की हर छोटी-बड़ी हलचल और सटीक रिपोर्ट के लिए जुड़े रहिए सावधान नेशन न्यूज के साथ। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।”