सावधान नेशन न्यूज
तरुण कश्यप
प्रयागराज:
उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1,017 पदों (विज्ञापन संख्या-51) पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग इस पुनर्परीक्षा को प्रदेश के 6 प्रमुख जिलों में आयोजित कर रहा है।
परीक्षा से जुड़ी मुख्य जानकारी:
- कुल अभ्यर्थी: इस परीक्षा में प्रदेश भर से कुल 82,876 अभ्यर्थी शामिल होंगे।
- परीक्षा केंद्र: परीक्षा के लिए आगरा, मेरठ, लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर और वाराणसी में कुल 53 केंद्र बनाए गए हैं।
- परीक्षा की तारीख: परीक्षा 18 और 19 अप्रैल 2026 को दो पालियों में आयोजित की जाएगी।
- पहली पाली: सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक।
- दूसरी पाली: दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक।
- एडमिट कार्ड: अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम:
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए हर केंद्र पर सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर सशस्त्र पुलिस बल की मौजूदगी रहेगी और प्रश्नपत्रों के परिवहन के लिए विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया गया है।
अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने एडमिट कार्ड के साथ एक वैध फोटो पहचान पत्र अवश्य लाएं और निर्धारित समय से पहले केंद्र पर पहुंचें।
जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। चूंकि पिछली परीक्षा पेपर लीक के कारण रद्द हुई थी, इसलिए इस बार सुरक्षा घेरा और भी सख्त किया गया है।
नकल रोकने के लिए की गई मुख्य तैयारियां इस प्रकार हैं:
1. केंद्र स्तर पर सुरक्षा और निगरानी
- सीसीटीवी और वेबकास्टिंग: सभी 53 परीक्षा केंद्रों के प्रत्येक कमरे में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग लखनऊ और प्रयागराज स्थित कंट्रोल रूम से की जाएगी।
- मजिस्ट्रेटों की तैनाती: प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। साथ ही, केंद्रों के समूह पर सेक्टर मजिस्ट्रेट लगातार गश्त करेंगे।
- जैमर्स का उपयोग: परीक्षा केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों (जैसे ब्लूटूथ, माइक्रो-फोन) के इस्तेमाल को रोकने के लिए जैमर्स लगाए जा सकते हैं।
2. प्रश्नपत्र की सुरक्षा (Confidentiality Protocols)
- अपग्रेडेड प्रोटोकॉल: प्रश्नपत्रों की छपाई से लेकर केंद्रों तक पहुँचने तक की प्रक्रिया को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है। पेपर के परिवहन के लिए सशस्त्र पुलिस बल और मजिस्ट्रेट साथ रहेंगे।
- डिजिटल मॉनिटरिंग: प्रश्नपत्रों के बक्से खोलने के समय की वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है।
3. अभ्यर्थियों की सघन जांच
- दो-स्तरीय तलाशी: केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की दो बार सघन तलाशी (Frisking) ली जाएगी। किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, स्मार्ट वॉच या कागज ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध है।
- बायोमेट्रिक सत्यापन: कई केंद्रों पर अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक मिलान और थंब इम्प्रेशन भी लिया जा सकता है ताकि ‘मुन्ना भाइयों’ (Impersonators) को पकड़ा जा सके।
4. कानूनी कार्रवाई और कड़े कानून
- नकल विरोधी कानून (2024): इस परीक्षा में ‘द पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024’ के तहत कार्रवाई होगी। नकल कराने वाले गिरोहों के लिए 3 से 10 साल तक की जेल और 10 लाख से 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
- STF की पैनी नजर: उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) सक्रिय है और संदिग्ध गतिविधियों या सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर नजर रख रही है।
महत्वपूर्ण: अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे निर्धारित समय से कम से कम 60-90 मिनट पहले केंद्र पर पहुँचें, क्योंकि तलाशी और सत्यापन की प्रक्रिया में समय लग सकता है।
“साफ है कि इस बार नकल माफियाओं की दाल नहीं गलने वाली है। प्रशासन की पैनी नजर हर एक गतिविधि पर है। परीक्षा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट के लिए बने रहिए हमारे साथ। आप देख रहे थे सावधान नेशन न्यूज़,