सावधान नेशन न्यूज
तरुण कश्यप
गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र स्थित कनावनी गांव के पास गुरुवार दोपहर एक भीषण आग ने भारी तबाही मचाई। खुले मैदान में बनी करीब 150 से 200 झुग्गियां जलकर राख हो गई हैं। आग इतनी विकराल थी कि झुग्गियों में रखे गैस सिलेंडर एक के बाद एक धमाकों के साथ फटने लगे, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
मुख्य हाइलाइट्स:
- घटना स्थल: कनावनी गांव की पुलिया के पास स्थित झुग्गी बस्ती और कबाड़ का गोदाम।
- नुकसान: आधिकारिक तौर पर करीब 150 झुग्गियां जलने की पुष्टि हुई है, हालांकि स्थानीय आकलन के अनुसार यह संख्या ज्यादा हो सकती है।
- सिलेंडर धमाके: आग के दौरान कई गैस सिलेंडर फटने से आग ने और भी भीषण रूप ले लिया।
- राहत कार्य: दमकल की 22 गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
कैसे शुरू हुई आग?
मिली जानकारी के अनुसार, आग गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे लगी। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, आग एक कबाड़ गोदाम से शुरू हुई और तेज हवाओं के कारण पास की घनी बसी झुग्गियों तक फैल गई। झुग्गियों में रहने वाले अधिकांश लोग कबाड़ बीनने का काम करते हैं, जिस कारण वहां ज्वलनशील सामग्री अधिक मात्रा में मौजूद थी।
प्रशासनिक कार्यवाही और जनहानि
मौके पर पहुंचे गाजियाबाद के जिलाधिकारी (DM) रविंद्र कुमार मादंड़ और DCP धवल जायसवाल ने बताया कि फिलहाल किसी जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, कुछ स्थानीय लोगों ने बच्चों के लापता होने की आशंका जताई थी, जिसकी प्रशासन जांच कर रहा है। प्रभावित परिवारों के लिए एम्बुलेंस और राहत सामग्री की व्यवस्था की गई है।
इंदिरापुरम के कनावनी गांव में गुरुवार दोपहर लगी भीषण आग ने न केवल सैकड़ों गरीबों का आशियाना छीना, बल्कि बेजुबानों के लिए बने एक एनिमल शेल्टर (Kannan Animal Welfare) को भी तहस-नहस कर दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि शेल्टर में मौजूद जानवरों को बचाने का वक्त बहुत कम मिला।

एनिमल शेल्टर में भारी तबाही:
- शेल्टर का नाम: कनावनी स्थित कन्नन एनिमल वेलफेयर (KAW) शेल्टर।
- जानवरों का रेस्क्यू: स्थानीय लोगों और संस्था के वालंटियर्स ने आग की लपटों के बीच घुसकर कई कुत्तों और अन्य जानवरों को बाहर निकाला, लेकिन भारी धुएं और लपटों के कारण कई जानवर अंदर ही फंसे रह गए।
- नुकसान: शेल्टर की बिल्डिंग, दवाइयां, मेडिकल उपकरण और जानवरों का खाना पूरी तरह जलकर राख हो गया है।
- मौत की आशंका: सोशल मीडिया रिपोर्ट्स और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दम घुटने और जलने के कारण करीब 50 से अधिक जानवरों की मौत की आशंका जताई जा रही है, हालांकि प्रशासन की ओर से सटीक आंकड़ा आना अभी बाकी है।
इंदिरापुरम के कनावनी में हुए इस भीषण हादसे ने एक बार फिर सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण के बड़े मुद्दे को गरमा दिया है। जांच में सामने आया है कि जिस जगह यह आग लगी, वह जमीन मुख्य रूप से सरकारी प्राधिकरणों की है।
“कनावनी अग्निकांड सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की विफलता और भू-माफियाओं के दुस्साहस का परिणाम है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस तबाही के बाद अतिक्रमण के खिलाफ क्या कड़ा रुख अपनाता है। पल-पल की अपडेट के लिए जुड़े रहें सावधान नेशन न्यूज के साथ। सत्यता के साथ, आपकी आवाज़।“