सावधान नेशन न्यूज़
नई दिल्ली, 26 जून 2026
चेन्नई में नशा विरोधी अभियान का हिस्सा बने मुख्यमंत्री विजय
नशे की बढ़ती समस्या और युवाओं को इसके खतरे से बचाने के उद्देश्य से तमिलनाडु में एक खास जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay ने हिस्सा लिया और युवाओं के साथ खुद दौड़ लगाकर संदेश दिया कि नशे से दूर रहना और स्वस्थ जीवन अपनाना समाज की जिम्मेदारी है।
यह कार्यक्रम “Start Run, Stop Drugs” अभियान के तहत आयोजित किया गया था। इसका मकसद सिर्फ एक मैराथन कराना नहीं था, बल्कि लोगों को यह समझाना था कि ड्रग्स का असर केवल एक व्यक्ति पर नहीं पड़ता, बल्कि परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों पर भी इसका गहरा प्रभाव होता है।
मुख्यमंत्री विजय जब इस दौड़ में शामिल हुए तो वह युवाओं के बीच सामान्य प्रतिभागी की तरह नजर आए। उन्होंने मंच से संदेश देने के बजाय खुद सड़क पर उतरकर युवाओं के साथ दौड़ लगाई। उनकी यह तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आए।
युवाओं के बीच दौड़ते दिखे विजय
मैराथन के दौरान बड़ी संख्या में युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और आम लोग शामिल हुए। मुख्यमंत्री विजय ने करीब 6 किलोमीटर की दौड़ में हिस्सा लिया। इस दौरान उनका उद्देश्य युवाओं को यह संदेश देना था कि असली ताकत नशे में नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, मेहनत और सकारात्मक सोच में है।
कार्यक्रम में लोगों ने नारे लगाए और नशा मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया। आयोजकों ने बताया कि ऐसे अभियानों का उद्देश्य युवाओं को जागरूक करना और उन्हें गलत आदतों से दूर रखना है।
क्यों जरूरी है नशा मुक्त अभियान?
ड्रग्स की समस्या कई देशों और राज्यों के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है। खासकर युवाओं में नशे की आदत उनके करियर, स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर बुरा असर डाल सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार नशे की शुरुआत अक्सर जिज्ञासा या दोस्तों के दबाव से होती है, लेकिन बाद में यह गंभीर लत बन सकती है। इससे पढ़ाई, नौकरी, रिश्ते और जीवन की दिशा प्रभावित हो सकती है।
इसी वजह से सरकारें और सामाजिक संगठन जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को इससे बचाने की कोशिश करते हैं।
लोगों की क्या रही प्रतिक्रिया?
मुख्यमंत्री विजय के इस अंदाज को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
कई लोगों ने कहा कि किसी बड़े पद पर बैठे व्यक्ति का खुद युवाओं के बीच जाकर भाग लेना एक सकारात्मक संदेश देता है। लोगों ने उनकी फिटनेस और युवाओं से जुड़ने के तरीके की भी तारीफ की।
कुछ लोगों का कहना था कि केवल मैराथन से नशे की समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि इसके लिए लगातार जागरूकता, काउंसलिंग, शिक्षा और सख्त कदमों की जरूरत होगी।
विजय के समर्थकों ने इसे नेतृत्व का उदाहरण बताया और कहा कि जब कोई नेता खुद किसी अभियान में शामिल होता है तो उसका असर ज्यादा लोगों तक पहुंचता है।
संदेश सिर्फ दौड़ का नहीं, बदलाव का था
इस कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही था कि समाज को नशे के खिलाफ एकजुट होना होगा। युवाओं को खेल, शिक्षा और अच्छे अवसरों की तरफ बढ़ाना जरूरी है ताकि वे गलत रास्तों से बच सकें।
मुख्यमंत्री विजय का यह कदम एक जागरूकता पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने युवाओं को यह संदेश देने की कोशिश की कि स्वस्थ शरीर और सकारात्मक सोच ही मजबूत समाज की नींव है।
नशा मुक्त समाज बनाना केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि परिवार, स्कूल, समाज और युवाओं — सभी की भागीदारी जरूरी है। यह दौड़ इसी सोच को आगे बढ़ाने का एक प्रयास थी।
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