सावधान नेशन न्यूज़
दिल्ली के मरीजों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। दिल्ली नगर निगम (MCD) की स्थायी समिति ने तीन प्रमुख अस्पतालों में आधुनिक CT स्कैन और MRI जांच की सुविधा शुरू करने की परियोजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत मरीजों को जांच की सुविधा केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) की निर्धारित दरों से 20 प्रतिशत कम कीमत पर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
यह कदम खास तौर पर उन मरीजों के लिए राहत देने वाला हो सकता है, जिन्हें सरकारी अस्पतालों में जांच की सुविधा नहीं मिलने या उपलब्धता सीमित होने के कारण निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों का रुख करना पड़ता है।
किन तीन अस्पतालों में मिलेगी सुविधा?
- हिंदू राव अस्पताल
यहां नई CT स्कैन और MRI मशीनों की सुविधा स्थापित करने की योजना है। फिलहाल अस्पताल में CT स्कैन की सुविधा मौजूद है, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार वहां की मशीन पुरानी तकनीक पर आधारित है। - स्वामी दयानंद अस्पताल
इस अस्पताल में आधुनिक CT स्कैन और MRI जांच की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे मरीजों को जरूरी जांच के लिए दूसरे केंद्रों पर जाने की जरूरत कम हो सकती है। - राजन बाबू इंस्टीट्यूट ऑफ पल्मोनरी मेडिसिन एंड ट्यूबरकुलोसिस
इस संस्थान में भी नई जांच सुविधाएं स्थापित करने की योजना है। इससे फेफड़ों और टीबी से जुड़ी बीमारियों सहित अन्य स्थितियों की जांच में सहायता मिल सकती है।
120 करोड़ रुपये की योजना में क्या-क्या शामिल है?
दिल्ली नगर निगम की इस परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी PPP मॉडल पर लागू करने की योजना है। इसके प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं।
कुल अनुमानित खर्च: 120 करोड़ रुपये, 10 साल की अवधि के लिए।
मशीनों की स्थापना: लगभग 40 करोड़ रुपये।
संचालन का खर्च: लगभग 80 करोड़ रुपये।
CT स्कैन मशीनें: कम से कम तीन, प्रत्येक 128-स्लाइस क्षमता वाली।
MRI मशीनें: कम से कम तीन, प्रत्येक 1.5 टेस्ला क्षमता वाली।
खर्च कौन उठाएगा? अनुबंधित निजी एजेंसी मशीनों की स्थापना और संचालन का खर्च उठाएगी। MCD निर्धारित जगह उपलब्ध कराएगा और परिसर का स्वामित्व निगम के पास रहेगा।
इन मशीनों के साथ डिजिटल रिपोर्ट तैयार करने और मेडिकल रिकॉर्ड संभालने के लिए RIS/PACS सिस्टम भी लगाने की योजना है। इससे जांच रिपोर्ट और संबंधित रिकॉर्ड का डिजिटल प्रबंधन आसान हो सकता है।
मरीजों को कितना फायदा होगा?
सबसे बड़ी राहत जांच की कीमतों में मिलने वाली प्रस्तावित छूट है। रिपोर्टों के अनुसार, इन अस्पतालों में CT स्कैन और MRI की दरें CGHS की निर्धारित दरों से 20 प्रतिशत कम रखी जाएंगी। इससे खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर इलाज के खर्च का बोझ कम करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, 20 प्रतिशत कम दर का मतलब यह नहीं है कि हर जांच की कीमत एक समान होगी। अलग-अलग प्रकार की CT स्कैन और MRI जांच के शुल्क अलग हो सकते हैं।
सुविधा कब से शुरू होगी?
इस बारे में एक जरूरी बात स्पष्ट रखना आवश्यक है। 20 अक्टूबर 2026 की पीटीआई रिपोर्ट में परियोजना को मंजूरी मिलने की पुष्टि की गई है, लेकिन उसमें मशीनों के चालू होने की निश्चित तारीख और प्रत्येक जांच का अंतिम शुल्क नहीं बताया गया है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि तीनों अस्पतालों में यह सुविधा पहले से शुरू हो चुकी है।
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