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सावधान नेशन न्यूज़

झारखंड के बाकड़ाकोचा गांव में मलेरिया का कहर, 13 वर्षीय बच्चे की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

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नई दिल्ली 23 अक्टूबर 2026

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया प्रखंड स्थित बाकड़ाकोचा गांव में मलेरिया के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। गांव में एक 13 वर्षीय किशोर की मौत के बाद चार अन्य लोगों में भी मलेरिया संक्रमण की पुष्टि हुई है। स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंचकर लोगों की जांच और संक्रमण के संभावित स्रोत का पता लगाने में जुटी है।


48 घंटे में पांच मामले, स्वास्थ्य टीम कर रही जांच
टाइम्स ऑफ इंडिया की 22 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, बाकड़ाकोचा गांव में 48 घंटे के भीतर मलेरिया के पांच मामले सामने आए। इनमें एक किशोर की मौत और चार अन्य लोगों में संक्रमण की पुष्टि शामिल है। संक्रमित पाए गए लोगों में तीन महिलाएं और एक पुरुष बताए गए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, मृतक किशोर की पहचान शेखर मार्डी के रूप में हुई है। जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किशोर की मौत के बाद गांव में जांच अभियान तेज किया गया।


गांव में तैनात की गई 10 सदस्यीय टीम
मलेरिया संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने गांव में 10 सदस्यीय टीम तैनात की है। इस टीम में मलेरिया अधिकारी, डुमरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और सात बहुउद्देशीय स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। टीम बाकड़ाकोचा और आसपास के गांवों में लोगों की जांच कर रही है, ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके।
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, संक्रमण का स्रोत पता लगाने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि अगस्त और सितंबर में डुमरिया में हुई नियमित मलेरिया जांच के दौरान कोई पॉजिटिव मामला सामने नहीं आया था।


गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचा था किशोर
हिन्दुस्तान की 22 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, किशोर की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे डुमरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताई और दिमागी मलेरिया यानी सेरेब्रल मलेरिया के साथ एनीमिया से पीड़ित होने की जानकारी दी।
चिकित्सकों के अनुसार, उसे उपचार दिया गया और बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल रेफर किया गया। हालांकि, परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, जबकि डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही से इनकार किया है।


ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह
मलेरिया मच्छरों के काटने से फैलने वाली बीमारी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द और कमजोरी जैसे लक्षण होने पर तुरंत जांच करानी चाहिए। गंभीर मामलों में बीमारी जानलेवा भी हो सकती है।
ग्रामीणों को मच्छरदानी का इस्तेमाल करने, घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देने और बुखार होने पर खुद से दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की सलाह दी जाती है।


निष्कर्ष: बाकड़ाकोचा गांव में एक किशोर की मौत और चार नए संक्रमित मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है। संक्रमण का स्रोत और आगे की स्थिति स्पष्ट करने के लिए विभागीय निगरानी महत्वपूर्ण है। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के नए आधिकारिक आंकड़े सामने आने पर स्थिति की अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

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