सावधान नेशन न्यूज़
नई दिल्ली, 3 नवंबर 2026
ओडिशा के गंजाम जिले में पूर्व मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल (BJD) के प्रमुख नवीन पटनायक को लेकर लगाए गए कथित ‘लापता’ पोस्टर ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। यह पोस्टर ऐसे समय सामने आया है, जब चक्रवात के बाद भारी बारिश और बाढ़ से गंजाम जिले के कई इलाके प्रभावित हैं। पोस्टर के सामने आने के बाद सत्ताधारी BJP और विपक्षी BJD के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं।
कब और कहां सामने आया मामला?
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 2 नवंबर 2026 को गंजाम जिले के हिंजिली विधानसभा क्षेत्र में एक बस स्टैंड के खंभे पर नवीन पटनायक की तस्वीर वाला पोस्टर चिपका हुआ मिला।
पोस्टर पर अंग्रेजी में ‘Missing’ यानी ‘लापता’ लिखा था। इसके साथ ही लोगों से उन्हें खोजने में मदद करने की अपील भी की गई थी।
नवीन पटनायक हिंजिली विधानसभा क्षेत्र से छह बार विधायक रह चुके हैं। ऐसे में उनके ही विधानसभा क्षेत्र में इस तरह का पोस्टर सामने आने से मामला राजनीतिक रूप से काफी चर्चा में आ गया।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि पोस्टर किसने छपवाया और किसने इसे वहां लगाया। पुलिस भी पोस्टर लगाने वालों की पहचान नहीं कर पाई थी।
BJP ने नवीन पटनायक पर क्यों उठाए सवाल?
पोस्टर सामने आने के बाद BJP ने नवीन पटनायक की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठाए।
BJP प्रवक्ता अनिल बिस्वाल ने कहा कि जब गंजाम जिले के लोग बाढ़ और प्राकृतिक आपदा से परेशान थे, तब उन्हें अपने क्षेत्र के विधायक नवीन पटनायक की मौजूदगी की उम्मीद थी।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब नवीन पटनायक मुख्यमंत्री थे, तब वे हेलीकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करते थे। अब विपक्ष के नेता होने के बावजूद वे अपने ही विधानसभा क्षेत्र में क्यों नहीं पहुंचे?
BJP का कहना है कि संकट के समय जनता को अपने जनप्रतिनिधि की जरूरत होती है और इसी वजह से लोग उनकी अनुपस्थिति पर सवाल उठा रहे हैं।
BJD ने BJP को दिया जवाब
BJP के आरोपों पर BJD ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी।
BJD युवा इकाई के अध्यक्ष चिन्मय साहू ने BJP पर आपदा के समय राजनीति करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि BJP नेताओं का ध्यान प्रभावित लोगों की मदद करने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी पर है।
BJD नेताओं के अनुसार, नवीन पटनायक ने खुद गंजाम जिले के हालात की जानकारी ली थी और प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की एक टीम भेजी थी।
पार्टी के वरिष्ठ नेता देवी प्रसाद मिश्रा ने भी कहा कि नवीन पटनायक ने सबसे पहले गंजाम के जिलाधिकारी से फोन पर बात कर लोगों की स्थिति और राहत कार्यों की जानकारी ली थी।
क्या नवीन पटनायक ने बाढ़ प्रभावित लोगों की सुध नहीं ली थी?
इस पूरे विवाद में एक महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने आया है।
30 अक्टूबर 2026 को नवीन पटनायक ने गंजाम के जिलाधिकारी से फोन पर बातचीत कर हिंजिली, शेरगढ़ और जिले के दूसरे इलाकों में बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली थी।
इसके अलावा उन्होंने विपक्ष की मुख्य सचेतक प्रमिला मल्लिक के नेतृत्व में BJD के वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल प्रभावित इलाकों में भेजा था।
1 नवंबर को BJD की टीम ने चिकिटी और पात्रापुर ब्लॉक के कई बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। टीम ने ग्रामीणों से मुलाकात की और मकानों, खेतों, सड़कों तथा बुनियादी सुविधाओं को हुए नुकसान का जायजा लिया।
ग्रामीणों ने कई जगह पेयजल और बिजली की आपूर्ति बाधित होने की समस्या भी बताई थी।
आखिर इस विवाद की सच्चाई क्या है?
पूरे मामले को समझने के लिए तीन बातें महत्वपूर्ण हैं:
नवीन पटनायक के लापता होने का पोस्टर वास्तव में हिंजिली के बस स्टैंड पर लगाया गया था। इसकी जानकारी 2 नवंबर को सामने आई।
पोस्टर किस व्यक्ति या संगठन ने लगाया, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई थी।
नवीन पटनायक ने बाढ़ के दौरान जिलाधिकारी से फोन पर बात की थी और BJD नेताओं की टीम को प्रभावित इलाकों में भेजा था। हालांकि, पोस्टर सामने आने तक उनके खुद हिंजिली नहीं पहुंचने को लेकर BJP सवाल उठा रही थी।
निष्कर्ष: ओडिशा में नवीन पटनायक के लापता पोस्टर का मामला केवल एक पोस्टर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने BJP और BJD के बीच राजनीतिक टकराव को बढ़ा दिया है। BJP जहां इसे जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी से जोड़ रही है, वहीं BJD इसे प्राकृतिक आपदा के समय की जा रही राजनीति बता रही है। फिलहाल पोस्टर लगाने वालों की पहचान और इसके पीछे की वास्तविक मंशा स्पष्ट नहीं है।
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