सावधान नेशन न्यूज़
नई दिल्ली, 3 नवंबर 2026
पंजाब की राजनीति में आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के तीन मौजूदा विधायक 2 नवंबर 2026 को दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। यह घटनाक्रम पंजाब में होने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सामने आया है।
BJP में शामिल होने वाले नेताओं में समाना के विधायक चेतन सिंह जौरामाजरा, सनौर के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और अमृतसर नॉर्थ के विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह शामिल हैं। तीनों नेताओं ने दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
आखिर क्यों छोड़ी AAP?
इस घटनाक्रम की एक अहम वजह आगामी विधानसभा चुनाव के लिए टिकटों का बंटवारा भी मानी जा रही है।
आम आदमी पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। इस सूची में इन तीनों विधायकों के नाम शामिल नहीं थे।
हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौरामाजरा ने पहले पार्टी से इस्तीफा दिया। इसके बाद कुंवर विजय प्रताप सिंह ने भी पार्टी छोड़ने और विधायक पद से इस्तीफा देने का फैसला किया।
तीनों विधायक कौन हैं?
- कुंवर विजय प्रताप सिंह: अमृतसर नॉर्थ से विधायक रहे हैं। वह पूर्व IPS अधिकारी हैं। वर्ष 2025 में AAP ने उन्हें कथित पार्टी-विरोधी गतिविधियों के आरोप में निलंबित किया था। उन्होंने पंजाब में बेअदबी और पुलिस फायरिंग से जुड़े मामलों की जांच को लेकर भी अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए थे।
- चेतन सिंह जौरामाजरा: समाना विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं। भगवंत मान सरकार में स्वास्थ्य मंत्री भी रह चुके हैं। सितंबर 2024 में उन्हें मंत्रिमंडल से हटा दिया गया था।
- हरमीत सिंह पठानमाजरा: पटियाला जिले की सनौर विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं। उन्होंने AAP छोड़ते समय पंजाब में नशे, कानून-व्यवस्था और सरकार के कामकाज को लेकर सवाल उठाए।
विधानसभा में भी हुआ बड़ा बदलाव
इस मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि तीनों नेताओं के BJP में शामिल होने के बावजूद विधानसभा की स्थिति एक जैसी नहीं है।
पंजाब विधानसभा अध्यक्ष ने 2 नवंबर को कुंवर विजय प्रताप सिंह और हरमीत सिंह पठानमाजरा के विधायक पद से दिए गए इस्तीफे स्वीकार कर लिए। वहीं चेतन सिंह जौरामाजरा का विधायक पद से इस्तीफा अभी नहीं हुआ था।
AAP ने दल-बदल कानून के तहत जौरामाजरा के खिलाफ अयोग्यता की मांग भी की है। विधानसभा अध्यक्ष ने उनसे जवाब मांगा है। इसलिए तीनों के BJP में शामिल होने और तीनों की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने को एक ही बात नहीं समझना चाहिए।
BJP और AAP ने क्या कहा?
BJP नेताओं ने तीनों नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि उनके राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव से पंजाब में पार्टी को मजबूती मिलेगी। भाजपा नेताओं ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में AAP के कुछ और नेता पार्टी छोड़ सकते हैं।
दूसरी ओर AAP ने इस घटनाक्रम को ज्यादा महत्व नहीं देने की बात कही। पार्टी के प्रवक्ता नील गर्ग ने कहा कि तीन नेताओं के जाने से पार्टी की चुनावी संभावनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा और जनता का भरोसा उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
पंजाब की राजनीति पर क्या पड़ेगा असर?
यह घटनाक्रम 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले BJP के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पंजाब में अभी AAP की सरकार है और भाजपा राज्य में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
तीन मौजूदा विधायकों का पार्टी छोड़ना AAP के लिए संगठनात्मक चुनौती जरूर है। हालांकि इसका चुनाव पर कितना असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में जनता के रुख और दोनों पार्टियों की रणनीति से स्पष्ट होगा।
सच्चाई यह है: तीनों नेताओं का BJP में शामिल होना पुष्ट खबर है। लेकिन उनके द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार, नशे और कानून-व्यवस्था से जुड़े आरोप राजनीतिक नेताओं के दावे हैं, उन्हें बिना स्वतंत्र प्रमाण के साबित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
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