सावधान नेशन न्यूज़
नई दिल्ली, 4 नवंबर 2026
जम्मू-कश्मीर की राजनीति में बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। श्रीनगर लोकसभा सीट से सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने 3 नवंबर 2026 को नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा देने का फैसला किया है। उनके इस कदम से जम्मू-कश्मीर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
क्यों दिया रुहुल्लाह मेहदी ने इस्तीफा?
आगा रुहुल्लाह मेहदी ने अपने फैसले के पीछे पार्टी नेतृत्व पर जनता से किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 2024 के विधानसभा चुनावों में जम्मू-कश्मीर के लोगों से कई बड़े वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद पार्टी अपने पुराने रुख से पीछे हट गई।
मेहदी की सबसे बड़ी नाराजगी अनुच्छेद 370 की बहाली, जम्मू-कश्मीर के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और राज्य का दर्जा बहाल कराने के मुद्दे पर पार्टी के रवैये को लेकर है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने चुनाव के दौरान जनता की भावनाओं और उम्मीदों के आधार पर समर्थन मांगा, लेकिन सरकार बनने के बाद इन मुद्दों पर वैसी मजबूती नहीं दिखाई।
उमर अब्दुल्ला पर भी साधा निशाना
बडगाम के बेहिश्त-ए-जहरा पार्क में आयोजित जनसभा के दौरान रुहुल्लाह ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पार्टी नेतृत्व पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने सत्ता हासिल करने के लिए जनता को बड़े-बड़े भरोसे दिए, लेकिन बाद में उन वादों को पूरा करने के लिए जरूरी राजनीतिक संघर्ष नहीं किया।
उन्होंने आरक्षण नीति में बदलाव, 200 यूनिट मुफ्त बिजली और युवाओं की रिहाई जैसे मुद्दों को भी उठाया। उनका कहना था कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने नेशनल कॉन्फ्रेंस को बड़ी उम्मीदों के साथ समर्थन दिया था।
24 साल पुराना रिश्ता हुआ खत्म
आगा रुहुल्लाह मेहदी का नेशनल कॉन्फ्रेंस से करीब 24 साल पुराना राजनीतिक रिश्ता रहा है। उनके पार्टी छोड़ने को संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। उन्होंने अपनी पार्टी से अलग होने के साथ ही एक नए राजनीतिक आंदोलन की जरूरत बताई और जम्मू-कश्मीर के युवाओं से आगे आने की अपील की।
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने भी दिया जवाब
रुहुल्लाह के आरोपों पर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने उनके बयान और इस्तीफे के फैसले की आलोचना करते हुए उन पर आत्मकेंद्रित राजनीति करने का आरोप लगाया। पार्टी ने सवाल उठाया कि सांसद रहते हुए उन्होंने अनुच्छेद 370 और जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे की बहाली के लिए संसद में क्या ठोस प्रयास किए।
क्या अब खाली होगी श्रीनगर लोकसभा सीट?
रुहुल्लाह मेहदी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भी अपना इस्तीफा भेजने की बात कही है। हालांकि, उनकी लोकसभा सदस्यता औपचारिक रूप से तभी समाप्त होगी, जब लोकसभा अध्यक्ष उनका इस्तीफा स्वीकार करेंगे। इसके बाद ही श्रीनगर सीट पर उपचुनाव की स्थिति स्पष्ट होगी।
कुल मिलाकर, आगा रुहुल्लाह मेहदी का नेशनल कॉन्फ्रेंस छोड़ना जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम है। अब देखना होगा कि उनके इस फैसले का पार्टी की राजनीति और आने वाले चुनावों पर कितना असर पड़ता है।
सावधान नेशन न्यूज़…