सावधान नेशन न्यूज
तरुण कश्यप
नोएडा ब्यूरो:
नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) के गलियारों में एक बार फिर भ्रष्टाचार की जांच की आंच तेज हो गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा करोड़ों रुपये के अंडरग्राउंड केबलिंग घोटाले और विद्युत यांत्रिक (E&M) केस की चल रही जांच में बड़ी सफलता मिली है। ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में प्राधिकरण के एक वर्तमान/पूर्व जीएम (GM) और दो अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की सीधी संलिप्तता के प्रमाण मिले हैं।
मुख्य बिंदु:
- दबा दी गई थी फाइलें: जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि प्राधिकरण के भीतर इन अधिकारियों के खिलाफ जांच की फाइलों और आरोप पत्रों (Charge Sheets) को लगभग एक साल तक दबाकर रखा गया था।
- शासन की सख्ती: उत्तर प्रदेश शासन ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए नोएडा प्राधिकरण से तीनों अधिकारियों के खिलाफ तुरंत आरोप पत्र मांगे हैं। शासन से जवाब तलब किए जाने के बाद अब विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
- मामला क्या है?: यह मामला पूर्व इंजीनियर-इन-चीफ यादव सिंह से जुड़े विद्युत यांत्रिक और अंडरग्राउंड केबलिंग कार्यों में हुए कथित भ्रष्टाचार से संबंधित है।
- अगली कार्रवाई: सूत्रों के अनुसार, इन अधिकारियों को जल्द ही पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है और विभागीय स्तर पर निलंबन की कार्रवाई भी संभव है।
अधिकारियों की भूमिका:
सीबीआई ने जांच में पाया कि निविदाओं (Tenders) के आवंटन और कार्यों के मूल्यांकन के दौरान नियमों की अनदेखी की गई थी। प्राधिकरण के इन अधिकारियों ने कथित तौर पर कागजी कार्यवाही में हेरफेर कर ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुँचाया।