मध्य प्रदेश के शहरी इलाकों में अब बाजार 24 घंटे खुले रखने की तैयारी शुरू हो गई है। मध्य प्रदेश सरकार केंद्र की सलाह पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है।
सावधान नेशन न्यूज़
मोहिनी कुमारी
महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और तेलंगाना की तर्ज पर अब मॉल, रेस्टोरेंट, बिजनेस सेंटर और आईटी से जुड़े कार्यालयों को चौबीसों घंटे संचालित करने की योजना है।
कानून में होगा संशोधन!
इसके लिए मध्य प्रदेश दुकान स्थापना अधिनियम, 1958 की धारा-6 में संशोधन प्रस्तावित है। संभावना है कि विधानसभा के बजट सत्र में ही संशोधन विधेयक पेश किया जाए।
भारत सरकार ने राज्यों को सुझाव दिया है कि वे रोजगार और राजस्व बढ़ाने के लिए अपने प्रचलित नियमों में बदलाव करें। इसी के तहत बीपीओ और नाइट शिफ्ट कर्मचारियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बाजार 24 घंटे खोलने की तैयारी की जा रही है।
ठंडे बस्ते से फिर निकली फाइल…
दरअसल, वर्ष 2024 में भी यह प्रस्ताव सामने आया था। पहले इसे भोपाल और इंदौर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने की योजना थी। बाद में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे सभी नगर निगम और औद्योगिक क्षेत्रों में लागू करने की घोषणा की थी।
श्रम विभाग ने मसौदा तैयार कर लिया था, लेकिन नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने असहमति जताई। उनका कहना था कि शहरों में रात के समय सफाई कार्य होता है, जो बाजार खुले रहने से प्रभावित हो सकता है।
मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद यह प्रस्ताव फिलहाल ठंडे बस्ते में चला गया था। हालांकि श्रम विभाग का तर्क था कि 24 घंटे बाजार खुलने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और राजस्व में इजाफा होगा।
🔹क्या बदल सकता है?
नाइट शिफ्ट कर्मचारियों को सुविधा
आईटी और बीपीओ सेक्टर को बढ़ावा
रोजगार और टैक्स कलेक्शन में वृद्धि
शहरी अर्थव्यवस्था को गति
अब नजर विधानसभा के बजट सत्र पर है, जहां इस संबंध में बड़ा फैसला हो सकता है।
“देश और दुनिया की तमाम बड़ी खबरों के लिए देखते रहिये सावधान नेशन न्यूज़”