देश के खजाने को लेकर एक बहुत बड़ी और बेहद सकारात्मक खबर सामने आ रही है। लगातार दो हफ्तों की भारी गिरावट के बाद, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश के विदेशी मुद्रा भंडार में एक ही हफ्ते के भीतर 6 बिलियन डॉलर यानी 60,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बंपर उछाल आया है।
इस भारी बढ़ोतरी के बाद अब भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 696.988 अरब डॉलर पर पहुंच गया है।
पीएम मोदी की दूरदर्शी अपील लाई रंग
करीब एक हफ्ते पहले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम जनता से कुछ खास अपील की थी। उन्होंने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल का संयमित इस्तेमाल करने, खाने के तेल की खपत कम करने, सोना-चांदी की खरीदारी को सीमित करने और गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं को कुछ समय के लिए टालने का आग्रह किया था।
पीएम मोदी की इस अपील का असल मकसद देश के डॉलर और गोल्ड (सोने) के भंडार को खाली होने से बचाना था। सरकार की आर्थिक रणनीति और जनता के सहयोग का असर अब सीधे आंकड़ों में दिखाई देने लगा है। सरकार ने पहले ही तिजोरी को सुरक्षित करने के कदम उठा लिए थे, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ चुके हैं।
दो हफ्तों की गिरावट पर लगा ब्रेक
आपको बता दें कि इससे पिछले हफ्ते देश के खजाने में 7.794 अरब डॉलर की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी, जिससे यह घटकर 690.693 अरब डॉलर रह गया था। पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक संकट के चलते भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ गया था, जिसके कारण आरबीआई को रुपये को संभालने के लिए बाजार में डॉलर बेचने पड़े थे। लेकिन इस हफ्ते की 6.295 अरब डॉलर की छलांग ने आर्थिक मोर्चे पर देश को बड़ी राहत दी है।
गौरतलब है कि इस साल 27 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह में, पश्चिम एशिया संकट के गहराने से ठीक पहले, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अपने अब तक के सबसे उच्चतम स्तर 728.494 अरब डॉलर पर पहुंच गया था। आर्थिक जानकारों का मानना है कि अगर घरेलू स्तर पर बचत और विदेशी मुद्रा का संरक्षण इसी तरह जारी रहा, तो भारत जल्द ही फिर से अपने पुराने रिकॉर्ड को पार कर लेगा।
सावधान नेशन न्यूज ब्यूरो की रिपोर्ट।
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