सावधान नेशन न्यूज
तरुण कश्यप
दिनांक: 14 फरवरी, 2026
स्थान: कोलकाता/पोर्ट ब्लेयर
मुख्य अंश
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कोलकाता जोनल ऑफिस ने बैंक धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में निर्णायक कार्रवाई करते हुए ₹200.02 करोड़ की अचल संपत्तियां कुर्क (Attach) कर ली हैं। यह पूरी कार्रवाई अंडमान और निकोबार स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक (ANSCBL) में हुए ₹500 करोड़ के कथित घोटाले से जुड़ी है।
घोटाले का मुख्य मास्टरमाइंड और कार्रवाई:
धोखाधड़ी का तरीका (Modus Operandi):
- शेल कंपनियां: आरोपियों ने कथित तौर पर 23 मुखौटा (Shell) कंपनियां बनाकर बैंक से धोखाधड़ी से लोन लिए।
- नियमों का उल्लंघन: जांच में सामने आया कि नाबार्ड (NABARD) और आरबीआई (RBI) के दिशा-निर्देशों को ताक पर रखकर 100 से अधिक उच्च-मूल्य वाले ऋण स्वीकृत किए गए थे।
- बेनामी संपत्तियां: लोन की राशि का उपयोग डमी निदेशकों के नाम पर संपत्तियां खरीदने के लिए किया गया था。
वर्तमान स्थिति:
ईडी ने इस मामले में नवंबर 2025 में ही 39 संस्थाओं के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी थी। ताजा कार्रवाई के साथ, एजेंसी ने अब तक अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) का एक बड़ा हिस्सा सुरक्षित कर लिया है।
- ईडी की जांच के घेरे में मुख्य रूप से पूर्व सांसद और बैंक के तत्कालीन उपाध्यक्ष कुलदीप राय शर्मा और उनके सहयोगी हैं।
- एजेंसी ने 51 संपत्तियां जब्त की हैं, जिनमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में स्थित आलीशान होटल, रिसॉर्ट और बड़े जमीन के टुकड़े शामिल हैं।
- कलकत्ता हाई कोर्ट की पोर्ट ब्लेयर सर्किट बेंच ने हाल ही में मुख्य आरोपी कुलदीप राय शर्मा और उनके सहयोगी संजय लाल की जमानत याचिका भी खारिज कर दी है।