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सावधान नेशन न्यूज़

बिहार में किसानों के लिए बड़ी राहत: MSP पर धान की सरकारी खरीद शुरू, सामान्य धान का भाव ₹2,441 प्रति क्विंटल

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नई दिल्ली, 2 नवंबर 2026

बिहार के किसानों के लिए अच्छी खबर है। राज्य में खरीफ विपणन मौसम 2026-27 के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान की सरकारी खरीद शुरू हो गई है। उत्तर बिहार के 19 जिलों में 1 नवंबर 2026 से धान की खरीद प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। सरकार ने किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए पैक्स और व्यापार मंडलों को खरीद केंद्र बनाया है। इस बार सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। वहीं, ग्रेड-ए धान के लिए 2,461 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय की गई है।

2,385 खरीद केंद्रों पर होगी धान की खरीद
धान खरीद को सुचारु रूप से चलाने के लिए बिहार सरकार ने 2,385 प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) और व्यापार मंडलों को खरीद केंद्र के रूप में चयनित किया है। इन केंद्रों के माध्यम से किसान अपनी उपज सरकारी निर्धारित दरों पर बेच सकेंगे।
सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट किया है कि धान खरीद में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आने पर संबंधित लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी।
सरकार का कहना है कि खरीद केंद्रों पर किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े और बिचौलियों की भूमिका पर रोक लगाई जाए। इसके लिए अधिकारियों को केंद्रों की नियमित निगरानी करने और किसानों की शिकायतों का समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।

सामान्य और ग्रेड-ए धान का कितना मिलेगा भाव?
इस खरीफ विपणन सत्र में धान की दोनों श्रेणियों के लिए अलग-अलग न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है।
सामान्य धान: 2,441 रुपये प्रति क्विंटल।
ग्रेड-ए धान: 2,461 रुपये प्रति क्विंटल।
पिछले खरीफ विपणन सत्र 2025-26 में सामान्य धान का MSP 2,369 रुपये प्रति क्विंटल था। इस बार इसमें 72 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। ग्रेड-ए धान के MSP में भी पिछले वर्ष की तुलना में 72 रुपये की वृद्धि की गई है।


दक्षिण बिहार के किसानों को 15 नवंबर से मिलेगा मौका
बिहार में धान खरीद की प्रक्रिया अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग तारीखों से शुरू की जा रही है।
उत्तर बिहार के 19 जिलों में 1 नवंबर से खरीद शुरू हो चुकी है, जबकि दक्षिण बिहार के जिलों में 15 नवंबर 2026 से सरकारी खरीद शुरू होने का कार्यक्रम निर्धारित है।
इस व्यवस्था के तहत किसानों को अपनी उपज सरकारी खरीद केंद्रों पर बेचने का अवसर मिलेगा। राज्य में धान खरीद की निर्धारित अवधि 31 मार्च 2027 तक रखी गई है।

किसानों के लिए पंजीकरण क्यों जरूरी है?
सरकारी खरीद का लाभ उठाने के लिए किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंजीकरण कराना होगा। इस बार खरीद व्यवस्था में एग्री स्टैक के आंकड़ों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। किसानों को अपनी एग्री स्टैक आईडी तैयार रखने की सलाह दी गई है।
धान बेचने के इच्छुक किसान बिहार सरकार के सहकारिता विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन और पंजीकरण संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
सरकारी खरीद केंद्रों और पंजीकरण से जुड़ी जानकारी के लिए किसान अपने क्षेत्र के पैक्स या व्यापार मंडल से भी संपर्क कर सकते हैं।


पिछले साल लाखों किसानों को मिला था लाभ
पिछले खरीफ विपणन सत्र 2025-26 में बिहार में धान खरीद का लक्ष्य 36.85 लाख टन रखा गया था। इसके मुकाबले राज्य में लगभग 36.79 लाख टन धान की खरीद हुई थी। इस प्रक्रिया से 5,40,469 किसानों को लाभ मिला और उन्हें MSP के रूप में 8,807.44 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था।


किसानों के लिए कितनी फायदेमंद साबित होगी यह व्यवस्था?
धान की सरकारी खरीद शुरू होने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए एक निर्धारित सरकारी व्यवस्था मिलती है। MSP का उद्देश्य किसानों को बाजार में उचित मूल्य से कम दाम मिलने की स्थिति में सुरक्षा देना है।
हालांकि, केवल खरीद शुरू होना ही पर्याप्त नहीं है। किसानों के लिए जरूरी है कि केंद्रों पर समय से खरीद हो, धान की तौल सही तरीके से की जाए और भुगतान में देरी न हो। इसके साथ ही छोटे किसानों को पंजीकरण और सरकारी प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
अब देखना होगा कि बिहार सरकार इस बार कितनी पारदर्शिता के साथ धान खरीद अभियान चलाती है और कितने किसानों को वास्तव में निर्धारित MSP का लाभ मिल पाता है।


निष्कर्ष: बिहार में धान की सरकारी खरीद शुरू होना किसानों के लिए महत्वपूर्ण कदम है। सामान्य धान के लिए 2,441 रुपये और ग्रेड-ए धान के लिए 2,461 रुपये प्रति क्विंटल MSP निर्धारित किया गया है। अब किसानों की उम्मीद है कि सरकारी खरीद व्यवस्था सुचारु रहे और उन्हें अपनी मेहनत की फसल का उचित मूल्य समय पर मिले।

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