दिनांक- 26 मई 2026
तमिलनाडु की राजनीति और फिल्म जगत से जुड़ी एक बड़ी खबर इन दिनों चर्चा में है। राज्य के मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay ने सिनेमाघरों को लेकर एक अहम आदेश जारी किया है। इस नए फैसले के तहत अब तमिलनाडु के सभी थिएटर नई तमिल फिल्मों की रिलीज के पहले सात दिनों तक प्रतिदिन 5 शो चला सकेंगे। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य फिल्म उद्योग को आर्थिक मजबूती देना और दर्शकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है।
पहले तमिलनाडु में थिएटरों को सामान्य रूप से केवल 4 नियमित शो चलाने की अनुमति थी। यदि किसी फिल्म के लिए अतिरिक्त शो चलाना होता था, तो उसके लिए जिला प्रशासन या पुलिस अधिकारियों से विशेष अनुमति लेनी पड़ती थी। त्योहारों या बड़े अवसरों पर ही कुछ फिल्मों को अतिरिक्त शो की छूट मिल पाती थी। लेकिन अब मुख्यमंत्री विजय के आदेश के बाद नई फिल्मों को रिलीज के पहले सप्ताह में बिना किसी अलग अनुमति के प्रतिदिन 5 शो चलाने की मंजूरी मिल गई है।
यह फैसला अचानक नहीं आया। दरअसल, कुछ दिन पहले तमिल फिल्म उद्योग से जुड़े कई प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विजय से मुलाकात की थी। इस बैठक में थिएटर मालिकों, मल्टीप्लेक्स संचालकों और फिल्म निर्माताओं ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं। इनमें सबसे प्रमुख मांग थी कि नई फिल्मों के शुरुआती दिनों में ज्यादा शो चलाने की अनुमति दी जाए ताकि थिएटरों की कमाई बढ़ सके और दर्शकों को टिकट मिलने में परेशानी न हो।
फिल्म इंडस्ट्री का मानना है कि आज के समय में किसी भी फिल्म की सबसे ज्यादा कमाई रिलीज के शुरुआती सप्ताह में होती है। बड़े सितारों की फिल्मों के लिए पहले कुछ दिनों में भारी भीड़ उमड़ती है। कई बार सीमित शो होने के कारण दर्शकों को टिकट नहीं मिल पाती थी और इसका असर फिल्म की कमाई पर भी पड़ता था। अब अतिरिक्त शो मिलने से थिएटर मालिकों और निर्माताओं दोनों को फायदा होने की उम्मीद है।
सरकार के इस फैसले को तमिल सिनेमा के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते प्रभाव के कारण सिनेमाघरों का कारोबार प्रभावित हुआ है। कई छोटे थिएटर आर्थिक संकट का सामना कर रहे थे। ऐसे में सरकार का यह निर्णय थिएटर उद्योग के लिए नई उम्मीद लेकर आया है।
मुख्यमंत्री विजय खुद भी लंबे समय तक तमिल फिल्म इंडस्ट्री का बड़ा चेहरा रहे हैं। राजनीति में आने से पहले उन्होंने कई सफल फिल्मों में काम किया था। इसलिए माना जा रहा है कि उन्हें फिल्म उद्योग की समस्याओं की अच्छी समझ है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने सिनेमा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर तेजी से फैसले लेने शुरू किए हैं।
हालांकि इस फैसले को लेकर राजनीतिक बहस भी शुरू हो गई है। कुछ विपक्षी नेताओं और सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि यह फैसला आने वाली बड़ी फिल्मों को फायदा पहुंचाने के लिए लिया गया है। खासतौर पर विजय की चर्चित फिल्म Jana Nayagan को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि सरकार ने साफ किया है कि यह आदेश पूरे तमिल फिल्म उद्योग के हित में लागू किया गया है और इसका फायदा सभी नई फिल्मों को मिलेगा।
फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकारों ने मुख्यमंत्री विजय के इस कदम का स्वागत किया है। अभिनेता Vijay Sethupathi ने भी हाल ही में सरकार से सिनेमा उद्योग को और सहायता देने की मांग की थी। उन्होंने ओटीटी प्लेटफॉर्म और टिकट दरों को लेकर भी सुझाव दिए थे। इससे साफ दिखाई देता है कि तमिल फिल्म जगत सरकार से और सहयोग की उम्मीद कर रहा है।
थिएटर मालिकों का कहना है कि अतिरिक्त शो मिलने से दर्शकों की भीड़ को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा। खासकर छुट्टियों, त्योहारों और सप्ताहांत में सिनेमाघरों में ज्यादा दर्शक आते हैं। पहले सीमित शो के कारण कई थिएटरों के बाहर लंबी लाइनें लग जाती थीं। अब लोगों को ज्यादा विकल्प मिल सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला केवल मनोरंजन जगत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर राज्य की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। तमिलनाडु का फिल्म उद्योग हजारों लोगों को रोजगार देता है। फिल्म रिलीज होने पर थिएटर, फूड स्टॉल, ट्रांसपोर्ट और अन्य छोटे व्यवसाय भी प्रभावित होते हैं। ऐसे में थिएटरों की गतिविधि बढ़ने से कई क्षेत्रों को आर्थिक लाभ मिल सकता है।
फिलहाल मुख्यमंत्री विजय के इस आदेश को तमिल फिल्म उद्योग के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस फैसले का बॉक्स ऑफिस और थिएटर कारोबार पर कितना असर पड़ता है। लेकिन इतना तय है कि इस निर्णय ने तमिल सिनेमा जगत में नई चर्चा और नई उम्मीद जरूर पैदा कर दी है।
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