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सावधान नेशन न्यूज़

दिल्ली में महासंग्राम, राहुल गांधी समेत 260 सांसद हिरासत में

चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोलकर सड़कों पर उतरे विपक्ष को दिल्ली पुलिस ने कड़ा एक्शन लेते हुए रोक दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी समेत करीब 260 सांसदों और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिन्हें करीब 2 घंटे बाद देर रात किंग्सवे कैंप पुलिस लाइन से रिहा कर दिया गया है।

विरोध का कारण

विपक्षी INDIA गठबंधन के सांसदों ने यह मार्च चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और ‘वोट चोरी’ के आरोपों के खिलाफ निकाला था। विपक्ष की मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है

मार्च और धरना: लगभग 300 विपक्षी सांसद संसद के मकर द्वार से निर्वाचन सदन (चुनाव आयोग दफ्तर) की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने सुरक्षा कारणों और BNSS की धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू होने का हवाला देकर उन्हें करीब 250 मीटर पहले ही बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेता आकाशवाणी भवन परिसर में दाखिल हो गए और वहां करीब 8 घंटे तक धरने पर बैठे रहे!

पुलिस कार्रवाई और हिरासत: दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और अभिषेक बनर्जी सहित कई प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं (कुल करीब 260 लोगों) को हिरासत में लिया।

नेताओं की रिहाई: हिरासत में लिए जाने के करीब 2 घंटे बाद, रात 10 बजे दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत सभी हिरासत में लिए गए नेताओं को किंग्सवे कैंप पुलिस लाइन से रिहा कर दिया।

नेताओं के बयान: हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने कहा यह लड़ाई राजनीतिक नहीं है, यह संविधान को बचाने की लड़ाई है और सच्चाई पूरे देश के सामने है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे सरकार की तानाशाही करार दिया।

इस पूरे घटनाक्रम ने 2026 के सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। एक तरफ विपक्ष लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की दुहाई दे रहा है, तो दूसरी तरफ कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस ने सख्त तेवर दिखाए हैं। चुनाव आयोग की तरफ से भी इस पूरे मामले पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

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