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क्या सच में काम करते हैं डिटॉक्स ड्रिंक्स

डॉक्टर से जानें किडनी और लिवर के लिए क्यों हो सकते हैं खतरनाक

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मोहिनी कुमारी

पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर बॉडी डिटॉक्स का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। कभी चुकंदर का शॉट, कभी करेला-गाजर का जूस तो कभी “मैजिकल ग्रीन ड्रिंक” — दावा किया जाता है कि ये पेय लिवर को साफ कर शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालते हैं। लेकिन क्या वाकई ऐसा होता है? विशेषज्ञों के अनुसार, इन दावों के पीछे ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं।

शरीर खुद करता है डिटॉक्स
डॉक्टरों का कहना है कि हमारा शरीर कोई बंद पाइप नहीं है जिसे समय-समय पर फ्लश करने की जरूरत हो। यह एक सेल्फ-रेगुलेटिंग बायोकेमिकल सिस्टम है, जो 24 घंटे खुद को साफ करता रहता है।

लिवर (यकृत):
लिवर दवाओं, शराब, हार्मोन और मेटाबॉलिज्म से बने अपशिष्ट पदार्थों को ऐसे रूप में बदल देता है, जिन्हें शरीर आसानी से बाहर निकाल सके।

किडनी (गुर्दे):
किडनियां रोजाना लगभग 150–180 लीटर खून को फिल्टर करती हैं और यूरिया, क्रिएटिनिन व अतिरिक्त नमक जैसे अपशिष्ट तत्वों को बाहर निकालती रहती हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर ये अंग सामान्य रूप से काम कर रहे हैं तो किसी बाहरी “डिटॉक्स ड्रिंक” की जरूरत नहीं है। और यदि ये अंग ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, तो कोई जूस उन्हें ठीक नहीं कर सकता।

क्या डिटॉक्स जूस नुकसान पहुंचा सकते हैं?
कुछ स्थितियों में ऐसे ड्रिंक्स नुकसानदेह भी साबित हो सकते हैं:
1. किडनी की बीमारी:
चुकंदर, टमाटर और लौकी में पोटैशियम अधिक होता है। शरीर में पोटैशियम का स्तर बढ़ने से दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है।
2. पथरी का खतरा:
चुकंदर और पालक के जूस में ऑक्सालेट की मात्रा ज्यादा होती है, जो किडनी स्टोन की समस्या बढ़ा सकती है।
3. डायबिटीज:
जूस निकालने से फल और सब्जियों का फाइबर कम हो जाता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है।
4. लिवर डिजीज:
अब तक ऐसा कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है कि सब्जियों के जूस से फैटी लिवर या लिवर फाइब्रोसिस ठीक हो सकता है।
5. हाइपोनेट्रेमिया:
सिर्फ लिक्विड डाइट लेने से शरीर में सोडियम का स्तर कम हो सकता है, जो गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है।

साइंस क्या कहती है?
अब तक कोई भी विश्वसनीय क्लीनिकल स्टडी यह साबित नहीं कर पाई है कि डिटॉक्स जूस वजन घटाने या शरीर के अंगों की “सफाई” में मदद करते हैं।
डिटॉक्स के बाद लोग अक्सर इसलिए बेहतर महसूस करते हैं क्योंकि वे प्रोसेस्ड फूड कम कर देते हैं, कैलोरी घटा देते हैं और पानी ज्यादा पीते हैं — न कि किसी विशेष डिटॉक्स प्रक्रिया की वजह से।

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