सावधान नेशन न्यूज़
मोहिनी कुमारी
नई दिल्ली: महंगाई के दौर में आम लोगों को एक और झटका लगा है। घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब हवाई यात्रा भी महंगी हो गई है। देश की प्रमुख एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया ने अपने टिकटों पर लगने वाले फ्यूल सरचार्ज में बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी के इस फैसले का सीधा असर हवाई यात्रियों की जेब पर पड़ेगा और अब उन्हें पहले के मुकाबले ज्यादा किराया चुकाना होगा।
दरअसल, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े युद्ध जैसे हालात का असर अब भारत की विमानन इंडस्ट्री पर भी दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इसी वजह से विमान ईंधन यानी एविएशन टरबाइन फ्यूल की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। एयरलाइंस कंपनियों के लिए ईंधन सबसे बड़ा खर्च होता है और जब इसकी कीमत बढ़ती है तो कंपनियों के संचालन की लागत भी बढ़ जाती है।
एयर इंडिया ने इसी बढ़ती लागत को देखते हुए टिकट पर लगने वाले फ्यूल सरचार्ज को बढ़ाने का फैसला किया है। कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक यह बढ़ोतरी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों पर लागू की गई है। यानी अब देश के अंदर यात्रा करने वाले यात्रियों के साथ-साथ विदेश जाने वाले यात्रियों को भी टिकट के लिए ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे।
एयर इंडिया का कहना है कि पिछले कुछ समय से एविएशन टरबाइन फ्यूल यानी एटीएफ की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसके अलावा पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में एयरलाइन कंपनियों के लिए संचालन लागत को संभालना मुश्किल हो रहा है। इसी कारण कंपनी ने फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का फैसला लिया है ताकि बढ़ते खर्च को कुछ हद तक संतुलित किया जा सके।
जानकारों का कहना है कि ईरान और पश्चिम एशिया के अन्य देशों के बीच बढ़ते तनाव का असर पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले बदलाव का सीधा असर विमानन क्षेत्र पर पड़ता है। क्योंकि विमान ईंधन की कीमत कच्चे तेल से ही तय होती है। अगर तेल महंगा होता है तो एयरलाइंस कंपनियों की लागत भी बढ़ जाती है और इसका असर टिकट की कीमतों पर दिखाई देता है।
ट्रैवल इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में हालात लंबे समय तक तनावपूर्ण बने रहते हैं और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रहती है, तो आने वाले दिनों में अन्य एयरलाइंस कंपनियां भी टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ा सकती हैं। इससे हवाई यात्रा का खर्च और बढ़ सकता है।
इस फैसले का असर खास तौर पर उन यात्रियों पर ज्यादा पड़ेगा जो अक्सर हवाई यात्रा करते हैं। बिजनेस ट्रैवलर्स, विदेश यात्रा करने वाले लोग और पर्यटन के लिए यात्रा करने वाले यात्रियों को अब पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।
हालांकि एयर इंडिया का कहना है कि कंपनी यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। लेकिन वैश्विक परिस्थितियों और ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण किराए में कुछ बदलाव करना जरूरी हो गया था। कंपनी के मुताबिक फ्यूल सरचार्ज में यह बढ़ोतरी मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए की गई है।
वहीं यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे टिकट बुक करने से पहले किराए और अतिरिक्त शुल्क की पूरी जानकारी जरूर लें। कई बार टिकट की मूल कीमत कम दिखाई देती है लेकिन टैक्स और सरचार्ज जुड़ने के बाद कुल कीमत काफी बढ़ जाती है। इसलिए यात्रा की योजना बनाते समय इन सभी बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
कुल मिलाकर बढ़ती महंगाई के बीच अब हवाई यात्रा भी लोगों के लिए पहले से ज्यादा महंगी हो गई है। एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब एयर इंडिया द्वारा फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने से आम यात्रियों को एक और आर्थिक झटका लगा है। अगर आने वाले समय में वैश्विक हालात में सुधार नहीं होता है और तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहती हैं, तो हवाई यात्रा की लागत में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
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