सावधान नेशन न्यूज़
नई दिल्ली 29 मई 2026
दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख शहर Noida और Greater Noida में प्रशासन ने धारा 163 लागू कर दी है। यह फैसला आगामी बकरीद (ईद-उल-अजहा) के त्योहार, संभावित धरना-प्रदर्शनों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह, सांप्रदायिक तनाव या हिंसक स्थिति से बचा जा सके।
गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह प्रतिबंध 28 मई 2026 से 30 मई 2026 तक प्रभावी रहेगा। हालांकि प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि स्थिति की आवश्यकता हुई तो अवधि बढ़ाई भी जा सकती है। फिलहाल इसे स्थायी रूप से लागू नहीं किया गया है, बल्कि यह अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है।
आखिर क्या है धारा 163?
धारा 163, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत लागू की जाने वाली वह कानूनी व्यवस्था है जिसके जरिए जिला प्रशासन या पुलिस किसी क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंध लगा सकती है। पहले इसी तरह की शक्तियां दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 144 के अंतर्गत देखी जाती थीं। नई व्यवस्था में BNSS के तहत धारा 163 का उपयोग किया जा रहा है।
इस धारा के लागू होने के बाद बिना अनुमति के भीड़ जुटाना, धरना देना, जुलूस निकालना या सार्वजनिक प्रदर्शन करना प्रतिबंधित हो जाता है। कई मामलों में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर भी रोक लगाई जा सकती है। पुलिस का कहना है कि यह व्यवस्था किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि शांति बनाए रखने के उद्देश्य से लागू की जाती है।
पुलिस ने क्यों लिया यह फैसला?
प्रशासन के अनुसार आने वाले दिनों में बकरीद के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग नमाज और धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इसके अलावा कुछ संगठनों द्वारा प्रदर्शन और मजदूर विरोध प्रदर्शन की आशंका भी जताई गई थी। हाल के महीनों में नोएडा और आसपास के इलाकों में कुछ श्रमिक प्रदर्शन हिंसक हो गए थे, जिसके बाद प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि त्योहारों के दौरान सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने की कोशिशें भी बढ़ जाती हैं। इसलिए इंटरनेट और सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है। भड़काऊ पोस्ट, फेक न्यूज या सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाली सामग्री साझा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
किन चीजों पर लगी है रोक?
धारा 163 लागू होने के बाद कई प्रकार की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है। इनमें बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन, रैली, जुलूस और सार्वजनिक सभाएं शामिल हैं। इसके अलावा ड्रोन उड़ाने, सार्वजनिक स्थानों पर हथियार प्रदर्शित करने और देर रात तेज आवाज में लाउडस्पीकर चलाने पर भी रोक लगाई गई है।
प्रशासन ने धार्मिक आयोजनों को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं। सड़कों या सार्वजनिक स्थलों पर बिना अनुमति नमाज या धार्मिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा सकेंगे। वहीं, प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित स्थानों पर ही धार्मिक गतिविधियां करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
सामान्य नागरिकों के दैनिक जीवन पर इसका बहुत बड़ा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन सार्वजनिक गतिविधियों में भाग लेने वालों को नियमों का पालन करना होगा। यदि कोई संगठन विरोध प्रदर्शन करना चाहता है तो उसे प्रशासन से पहले अनुमति लेनी होगी। पुलिस नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकती है।
नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। त्योहारों के दौरान कई स्थानों पर बैरिकेडिंग और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
क्या पहले भी लागू हुई थी धारा 163?
हाँ, इससे पहले भी नोएडा और गाजियाबाद जैसे शहरों में त्योहारों, परीक्षाओं, नए साल और विरोध प्रदर्शनों के दौरान धारा 163 लागू की जा चुकी है। प्रशासन समय-समय पर कानून व्यवस्था को देखते हुए यह कदम उठाता रहा है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन का मुख्य उद्देश्य बकरीद के त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना और किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकना है। अधिकारियों ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है और कहा है कि नियमों का पालन करने से ही शहर में शांति और सुरक्षा बनी रहेगी।
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