सावधान नेशन न्यूज
तरुण कश्यप
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल क्रांति के इस दौर में भारत दुनिया का सबसे बड़ा डेटा सेंटर मार्केट बनने की ओर अग्रसर है। ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए $200 बिलियन (करीब 16.6 लाख करोड़ रुपये) के भारी-भरकम निवेश की तैयारी शुरू हो चुकी है।
मुख्य बाते
- AI की बढ़ती मांग: नई दिल्ली में चल रहे India AI Impact Summit 2026 में विशेषज्ञों ने साफ किया कि ‘Sovereign AI’ और स्थानीय डेटा प्रोसेसिंग के लिए विशाल डेटा सेंटर्स की जरूरत है।
- सरकार का प्रोत्साहन: केंद्र सरकार की नई ‘डेटा सेंटर पॉलिसी’ के तहत कंपनियों को टैक्स में छूट और सस्ती बिजली मुहैया कराई जा रही है, जिससे Adani Connex, Reliance, और Google जैसे दिग्गज निवेश बढ़ा रहे हैं।
- टियर-2 शहरों का उदय: अब निवेश केवल मुंबई या चेन्नई तक सीमित नहीं है। नोएडा, हैदराबाद और पुणे जैसे शहर नए डेटा हब के रूप में उभर रहे हैं।
[मार्केट एक्सपर्ट की राय]
इंडस्ट्री विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 के अंत तक भारत की डेटा सेंटर क्षमता 5,000 मेगावाट (MW) को पार कर जाएगी। यह न केवल भारत की डिजिटल संप्रभुता को मजबूत करेगा, बल्कि लाखों तकनीकी रोजगार भी पैदा करेगा।
[निष्कर्ष/Closing]
क्लाउड कंप्यूटिंग और 5G के विस्तार के साथ, डेटा अब ‘नया तेल’ (New Oil) नहीं, बल्कि ‘नया इंफ्रास्ट्रक्चर’ बन चुका है। भारत इस वैश्विक दौड़ में सबसे आगे खड़ा दिखाई दे रहा है।