सावधान नेशन न्यूज़

डिजिटल सुरक्षा में बड़ा कदम

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तरुण कश्यप

नई दिल्ली, 22 फरवरी 2026

भारत में तेजी से बढ़ते डिजिटल लेन-देन और ऑनलाइन गतिविधियों के बीच नागरिकों को साइबर ठगी से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी पहल की है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान साइबर अपराधों से निपटने के लिए एक नया और व्यापक ‘रियल-टाइम साइबर अपराध रिपोर्टिंग फ्रेमवर्क’ लॉन्च किया है।

मुख्य आकर्षण और नई सुविधाएँ:

  • रियल-टाइम रिपोर्टिंग: अब साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं की रिपोर्टिंग और उन पर कार्रवाई वास्तविक समय (Real-time) में की जाएगी, जिससे अपराधियों को पकड़ना और ठगे गए पैसे को फ्रीज करना आसान होगा।
  • e-Zero FIR सुविधा: 10 लाख रुपये से अधिक के वित्तीय साइबर अपराधों के लिए नई e-Zero FIR पहल शुरू की गई है। हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज शिकायतों को अब स्वचालित रूप से FIR में बदल दिया जाएगा।
  • CBI की नई साइबर शाखा: साइबर अपराधियों के इकोसिस्टम को ध्वस्त करने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की एक नई समर्पित साइबर अपराध शाखा का उद्घाटन किया गया है।
  • S4C डैशबोर्ड: गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के तहत S4C डैशबोर्ड लॉन्च किया गया है, जो राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगा।

पीड़ितों के लिए नई SOP (Standard Operating Procedure)

सरकार ने साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के शिकार लोगों को राहत देने के लिए एक नई नियमावली (SOP) को मंजूरी दी है। इसका मुख्य उद्देश्य छोटे मूल्य के धोखाधड़ी के मामलों में पीड़ितों के पैसे को जल्द से जल्द वापस (Refund) दिलाना सुनिश्चित करना है।

शिकायत कहाँ और कैसे दर्ज करें?

यदि आप या आपके आसपास कोई साइबर अपराध का शिकार होता है, तो इन आधिकारिक माध्यमों का उपयोग करें:

  1. राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर: तुरंत 1930 पर कॉल करें।
  2. आधिकारिक पोर्टल: cybercrime.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करें।
  3. ट्रैकिंग: शिकायत दर्ज करने के बाद आपको 14 अंकों का एक पावती नंबर (Acknowledgment Number) मिलता है, जिससे आप अपनी रिपोर्ट का स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।

सावधानी ही सुरक्षा है: गृह मंत्रालय ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपना OTP साझा करें। साइबर अपराध की स्थिति में पहला एक घंटा ‘गोल्डन ऑवर’ होता है, इसलिए तुरंत रिपोर्ट करना अनिवार्य है।


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