सावधान नेशन न्यूज़

नंबर बंद होने का खतरा?

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मोहिनी कुमारी

नंबर बंद होने का खतरा? TRAI के नए AI नियम पर Jio, Airtel और Vi की टेंशन बढ़ी।

देश में बढ़ती स्पैम कॉल और फर्जी मैसेज की समस्या पर लगाम लगाने के लिए Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। वर्ष 2026 के लिए प्रस्तावित नए नियमों के तहत रेगुलेटर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तंत्र लागू करने पर विचार कर रहा है, जिससे संदिग्ध नंबरों पर सीधे कार्रवाई की जा सके।
हालांकि इस प्रस्ताव ने टेलीकॉम कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है।

बिना शिकायत भी नंबर हो सकता है ब्लॉक
अब तक किसी मोबाइल नंबर पर कार्रवाई आमतौर पर शिकायत मिलने के बाद होती थी। लेकिन प्रस्तावित ढांचे के तहत अगर कंपनियों के AI सिस्टम किसी नंबर को संदिग्ध गतिविधियों में शामिल मान लेते हैं, तो बिना औपचारिक शिकायत के भी उसे ब्लॉक या डिस्कनेक्ट किया जा सकता है।

यानी फैसला इंसानी हस्तक्षेप के बजाय एल्गोरिदम के संकेत पर आधारित होगा। TRAI का मानना है कि इससे स्पैम कॉल करने वालों पर तुरंत रोक लगेगी और आम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।

टेलीकॉम कंपनियों की आपत्ति
देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां — Reliance Jio, Bharti Airtel और Vodafone Idea — ने इस प्रस्ताव पर सवाल उठाए हैं।
कंपनियों का कहना है कि केवल AI के अनुमान के आधार पर नंबर बंद करना जोखिम भरा हो सकता है। कई बार जरूरी कॉल, जैसे बैंक वेरिफिकेशन, OTP या डिलीवरी से जुड़े फोन भी सिस्टम को संदिग्ध लग सकते हैं।

अगर किसी सामान्य ग्राहक का नंबर गलती से बंद हो जाता है, तो उसे दोबारा चालू कराने की प्रक्रिया जटिल हो सकती है। साथ ही, बिना ठोस शिकायत के सेवा रोकना उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बन सकता है।

पहले से हो रही है AI मॉनिटरिंग

आंकड़ों के मुताबिक, टेलीकॉम कंपनियां पहले ही AI आधारित फिल्टरिंग सिस्टम का इस्तेमाल कर रही हैं और रोजाना करोड़ों स्पैम कॉल व मैसेज ब्लॉक या चिन्हित किए जाते हैं। इसके बावजूद साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाकर सिस्टम को चकमा दे देते हैं।
इसी वजह से रेगुलेटर और सख्त कदमों पर विचार कर रहा है।
किन्हें रहना होगा सतर्क?

अगर यह नियम लागू होता है तो वे लोग खास तौर पर सतर्क रहें जो अपने निजी मोबाइल नंबर से बिजनेस या प्रमोशनल कॉल करते हैं। असामान्य कॉलिंग पैटर्न या अधिक आउटगोइंग कॉल होने पर सिस्टम नंबर को स्पैम मान सकता है।

ऐसी स्थिति में नंबर अस्थायी या स्थायी रूप से बंद होने की आशंका बनी रह सकती है।
बहस जारी

स्पैम से राहत देने की मंशा सराहनीय है, लेकिन AI आधारित फैसलों की सटीकता, पारदर्शिता और अपील प्रक्रिया को लेकर बहस जारी है।
अब देखना होगा कि अंतिम नियम किस रूप में सामने आता है और उपभोक्ता सुरक्षा व तकनीकी सख्ती के बीच संतुलन कैसे बनाया जाता है।

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